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पूर्व सीएम वीरभद्र के भतीजे अकांक्ष सेन के मर्डर केस में आया नया मोड़, कई चौंकाने वाले खुलासे
Wed, 04 Sep 2019 10:39 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 04 Sep 2019 10:39 AM IST
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आकांक्ष सेन हत्याकांड
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हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के भतीजे अकांक्ष सेन हत्याकांड मामले में एक नया मोड़ आ गया है। कुछ चौंकाने वाले खुलासे भी हुए हैं। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज राजीव गोयल की अदालत में मंगलवार को केस पर अंतिम बहस हुई।
बचाव पक्ष के वकील ने पीड़ित पक्ष के तीन गवाहों अदम्य राठौर, राजन पपनेजा और करण योग के बयानों पर सवाल उठाया। एडवोकेट वडै़च ने तीनों गवाहों के बयान पढ़े। तीनों ने अपने बयान में कहा था कि बीएमडब्ल्यू तीन से पांच बार अकांक्ष के ऊपर चढ़ाई गई थी, जबकि मेडिकल रिपोर्ट और डेथ समरी के मुताबिक, अकांक्ष के शरीर पर खरोचें थीं।
बचाव पक्ष का कहना है कि यदि 1500 किलो की गाड़ी तीन से पांच बार किसी के ऊपर चढ़ाई जाएगी तो खरोचें नहीं आएंगी, बल्कि बॉडी जमीन से चिपक जाएगी। इसलिए यह साबित नहीं होता कि अकांक्ष पर तीन बार गाड़ी चढ़ाई गई। अगर गाड़ी इतनी बार चढ़ाई गई होती तो अकांक्ष की मौत 36 घंटे बाद होने की बजाय तुरंत हो जाती। एडवोकेट वड़ैच ने कहा कि हरमेहताब को गलत तरीके से फंसाया जा रहा है।
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बचाव पक्ष के वकील ने पीड़ित पक्ष के तीन गवाहों अदम्य राठौर, राजन पपनेजा और करण योग के बयानों पर सवाल उठाया। एडवोकेट वडै़च ने तीनों गवाहों के बयान पढ़े। तीनों ने अपने बयान में कहा था कि बीएमडब्ल्यू तीन से पांच बार अकांक्ष के ऊपर चढ़ाई गई थी, जबकि मेडिकल रिपोर्ट और डेथ समरी के मुताबिक, अकांक्ष के शरीर पर खरोचें थीं।
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बचाव पक्ष का कहना है कि यदि 1500 किलो की गाड़ी तीन से पांच बार किसी के ऊपर चढ़ाई जाएगी तो खरोचें नहीं आएंगी, बल्कि बॉडी जमीन से चिपक जाएगी। इसलिए यह साबित नहीं होता कि अकांक्ष पर तीन बार गाड़ी चढ़ाई गई। अगर गाड़ी इतनी बार चढ़ाई गई होती तो अकांक्ष की मौत 36 घंटे बाद होने की बजाय तुरंत हो जाती। एडवोकेट वड़ैच ने कहा कि हरमेहताब को गलत तरीके से फंसाया जा रहा है।
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यह है पूरा मामला
अकांक्ष सेन की 9 फरवरी 2017 को सेक्टर 9 में बीएमडब्ल्यू से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस को शिकायत दी गई थी कि अकांक्ष पर जानबूझ कर गाड़ी चढ़ाई गई। अकांक्ष सेक्टर-9 में ही रहता था और उसी सेक्टर में उसका एक दोस्त शेरा भी रहता था। रात को वह शेरा के पास ही रुका था। इस मामले में हरमेहताब सिंह रारेवाला को मुख्य आरोपी बनाया गया था।
हरमेहताब को 16 फरवरी 2017 को गिरफ्तार कर लिया गया था। शिकायत के अनुसार बलराज रंधावा गाड़ी चला रहा था और हरमेहताब उससे कह रहा था इसे टक्कर मारो और खत्म कर दो। रंधावा को अब तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया है। उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है।
हरमेहताब को 16 फरवरी 2017 को गिरफ्तार कर लिया गया था। शिकायत के अनुसार बलराज रंधावा गाड़ी चला रहा था और हरमेहताब उससे कह रहा था इसे टक्कर मारो और खत्म कर दो। रंधावा को अब तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया है। उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है।