{"_id":"5a28193d4f1c1bd1408bb5c5","slug":"highcourt-stays-on-recruitment-results-of-447-clerks","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट ने 447 क्लर्कों की भर्ती के परिणाम पर लगाई रोक, ये टिप्पणी भी की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट ने 447 क्लर्कों की भर्ती के परिणाम पर लगाई रोक, ये टिप्पणी भी की
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 07 Dec 2017 09:15 AM IST
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court
- फोटो : Demo Pics
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने उत्तर हरियाणा और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम में 447 अपर डिवीजन क्लर्कों की भर्ती परिणामों पर रोक लगाते हुए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग व हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
इससे पहले हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की 230 अपर डिवीजन क्लर्कों की भर्ती रद्द कर नए सिरे से भर्ती करने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने इन आदेशों पर भी रोक लगा दी और कहा कि केवल एक निगम की भर्ती को रद्द नहीं किया जा सकता है।
सरिता शर्मा द्वारा सिंगल बेंच के समक्ष याचिका दाखिल करते हुए आरोप लगाया गया था कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने साल 2016 में हरियाणा बिजली वितरण निगम में 447 अपर डिवीजन क्लर्क की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला था। इस भर्ती के लिए एक ही विज्ञापन और एक ही परीक्षा आयोजित की गई थी। लेकिन जब कमीशन ने जब रिजल्ट घोषित किया तो उसने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम व उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम के लिए दो अलग अलग मेरिट लिस्ट तैयार कर दी। जबकि विज्ञापन में इसका कोई उल्लेख नहीं था कि दोनों की मेरिट लिस्ट अलग- अलग होगी।
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इससे पहले हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की 230 अपर डिवीजन क्लर्कों की भर्ती रद्द कर नए सिरे से भर्ती करने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने इन आदेशों पर भी रोक लगा दी और कहा कि केवल एक निगम की भर्ती को रद्द नहीं किया जा सकता है।
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सरिता शर्मा द्वारा सिंगल बेंच के समक्ष याचिका दाखिल करते हुए आरोप लगाया गया था कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने साल 2016 में हरियाणा बिजली वितरण निगम में 447 अपर डिवीजन क्लर्क की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला था। इस भर्ती के लिए एक ही विज्ञापन और एक ही परीक्षा आयोजित की गई थी। लेकिन जब कमीशन ने जब रिजल्ट घोषित किया तो उसने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम व उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम के लिए दो अलग अलग मेरिट लिस्ट तैयार कर दी। जबकि विज्ञापन में इसका कोई उल्लेख नहीं था कि दोनों की मेरिट लिस्ट अलग- अलग होगी।
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'केवल एक का रिजल्ट रद्द करना ठीक नहीं'
Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
- फोटो : File Photo
सिंगल बेंच ने द. हरियाणा के परिणाम को किया था रद्द
इस मेरिट लिस्ट में उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम की मेरिट लो थी, लेकिन दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की मेरिट हाई थी। याचिकाकर्ता को दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की मेरिट लिस्ट में वेटिंग में रखा गया। जबकि मेरिट के आधार पर उत्तरी बिजली वितरण निगम में उसका चयन पक्का था।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट से आग्रह किया कि वो इस मेरिट लिस्ट को रद्द कर नए सिरे से मेरिट लिस्ट बनाने के आदेश दें। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने मामले में कमीशन की गलती को माना और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के 230 पदों हेतू जारी परिणाम को रद्द करते हुए नए सिरे से पदों की विज्ञापित करने की सलाह दी।
डबल बेंच ने कहा, केवल एक का रिजल्ट रद्द करना ठीक नहीं
इसके बाद इस फैसले के खिलाफ अपील दखिल की गई। शिखा व अन्य द्वारा दाखिल की गई अपील पर सुनवाई करते हुए जस्टिस महेश ग्रोवर की खंडपीठ ने कहा कि जब एक ही विज्ञापन और एक ही परीक्षा के जरिए दोनो भर्तियां की जा रही थी और दोनों की मेरिट अलग बनाने से दोनों भर्तियों पर फर्कपड़ रहा है तो केवल दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की भर्ती को रद्द करना सही नहीं होगा। ऐसे में अब हाईकोर्ट ने उत्तर और दक्षिण दोनों बिजली निगमों की भर्ती हेतू जारी परिणाम पर रोक लगा दी है।
इस मेरिट लिस्ट में उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम की मेरिट लो थी, लेकिन दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की मेरिट हाई थी। याचिकाकर्ता को दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की मेरिट लिस्ट में वेटिंग में रखा गया। जबकि मेरिट के आधार पर उत्तरी बिजली वितरण निगम में उसका चयन पक्का था।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट से आग्रह किया कि वो इस मेरिट लिस्ट को रद्द कर नए सिरे से मेरिट लिस्ट बनाने के आदेश दें। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने मामले में कमीशन की गलती को माना और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के 230 पदों हेतू जारी परिणाम को रद्द करते हुए नए सिरे से पदों की विज्ञापित करने की सलाह दी।
डबल बेंच ने कहा, केवल एक का रिजल्ट रद्द करना ठीक नहीं
इसके बाद इस फैसले के खिलाफ अपील दखिल की गई। शिखा व अन्य द्वारा दाखिल की गई अपील पर सुनवाई करते हुए जस्टिस महेश ग्रोवर की खंडपीठ ने कहा कि जब एक ही विज्ञापन और एक ही परीक्षा के जरिए दोनो भर्तियां की जा रही थी और दोनों की मेरिट अलग बनाने से दोनों भर्तियों पर फर्कपड़ रहा है तो केवल दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की भर्ती को रद्द करना सही नहीं होगा। ऐसे में अब हाईकोर्ट ने उत्तर और दक्षिण दोनों बिजली निगमों की भर्ती हेतू जारी परिणाम पर रोक लगा दी है।