फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Highcourt said there would not be challan on high security number plate

..तो अब हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का नहीं होगा चालान

Thu, 02 Feb 2017 09:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 02 Feb 2017 09:46 AM IST
विज्ञापन
Highcourt said there would not be challan on high security number plate
कोर्ट - फोटो : file photo

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न होने से वाहनों के धड़ल्ले से कट रहे चालान पर कड़ी आपत्ति जताई है। बुधवार को एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन ने हाईकोर्ट को बताया था कि अभी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को लगाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया जारी है। 

विज्ञापन


हाईकोर्ट ने कहा कि अभी नंबर प्लेटें लगाने का टेंडर नहीं हुआ है तो लोग इन्हें लगवाएं कैसे, और ऐसे में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के कारण किसी का चालान कैसे किया जा सकता है। 
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने जैन से कहा कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के कारण कोई चालान नहीं होना चाहिए। जैन ने हाईकोर्ट को आश्वस्त किया कि हाईकोर्ट की मौखिक टिप्पणी को प्रशासन तक पहुंचा दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


मामले में याचिका दाखिल करते हुए सुप्रीम कोर्ट के वकील स्वतंत्र राय ने हरियाणा में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का ठप पड़ा काम दोबारा आरंभ करवाने के आदेश जारी करने की अपील की थी। 

याची की ओर से दलील दी गई थी कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के कारण अपराध में कमी आएगी और इसका बहुत अधिक फायदा देखने को मिलेगा। इस बारे में हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी कंपनी के पास हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के लिए पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर तक नहीं है। 

चंडीगढ़ में तो हाल यह है कि जजों की गाड़ियां भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए कतार में हैं। कोर्ट ने कहा था कि बिना तैयारी और बिना प्लानिंग के यह हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य कर दी गई है। 

हाईकोर्ट ने प्रशासन को दी नसीहत

Highcourt said there would not be challan on high security number plate
अदालत - फोटो : file

कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट केवल पुलिसकर्मियों की जेब भरने का जरिया मात्र बनकर रह गया है। एक ओर ठेका लेकर काम पूरा न होने की दलील देकर कंपनियां आर्ब्रिट्रेशन में चली जाती हैं और सरकार से वसूली करती हैं वहीं दूसरी ओर पुलिस ताक में रहती है कि कोई बिना ऐसी नंबर प्लेट वाला मिले और उनकी जेब गर्म हो। 

कोर्ट ने कहा कि जिस प्रकार इसे अनिवार्य बनाया गया है, उसे करने से पहले पूरी तैयारी होनी चाहिए थी। पिछली सुनवाई पर इस पर हाईकोर्ट ने कोर्ट में मौजूद एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया सत्यपाल जैन को इस याचिका की कॉपी उपलब्ध करवाने के आदेश दिए।

बुधवार को जैसे ही मामले की सुनवाई आरंभ हुई एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया सत्यपाल जैन ने कोर्ट को बताया कि चंडीगढ़ में वर्तमान में किसी कंपनी के पास हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का ठेका नहीं है परंतु इसके लिए कई कंपनियों के आवेदन आ चुके हैं। 

हाईकोर्ट ने कहा कि जब यह प्लेट लग नहीं रही है तो इनके न होने से चालान कैसे काटा जा सकता है। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का चालान काटने की अनुमति देकर पुलिस को पैसा बनाने का जरिया मात्र दिया गया। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को अगली तिथि पर इस बारे में उनका पक्ष स्पष्ट करने के आदेश दिए हैं।

हाईकोर्ट ने प्रशासन को दी नसीहत
हाईकोर्ट ने कहा कि कानून को किसी की जेब भरने का जरिया नहीं बनने देना चाहिए। प्रशासन को इस बारे में जानकारी है कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का काम फिलहाल नहीं चल रहा है। 

ऐसे में चालान की प्रक्रिया को रोक देना चाहिए था। कोर्ट ने कहा कि न तो चालान रोके गए और न ही पुलिस का दुर्व्यवहार ही रुका है। कोर्ट ने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि अब तो संजीदगी से इस दिशा में काम करे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed