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पंजाब सरकार को फटकार: HC ने कहा-दो दिन में लोकपाल की नियुक्ति पर जवाब दें वरना आदेश जारी करने को होंगे मजबूर
Thu, 28 May 2026 03:53 PM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Thu, 28 May 2026 03:53 PM IST
सार
पंजाब सरकार की ओर से कहा गया कि पूर्व लोकपाल के इस्तीफे के बाद नई नियुक्ति नहीं हो सकी। नियुक्ति प्रक्रिया विचाराधीन है और इसके लिए राज्यपाल से परामर्श जरूरी है। इस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आखिर अदालत कब तक इंतजार करे।
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब में लोकपाल का पद लंबे समय से खाली रहने पर सरकार को कड़ी फटकार लगाई है।
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अदालत ने स्पष्ट कहा कि दो दिन में लोकपाल की नियुक्ति को लेकर जवाब दाखिल करें वरना कोर्ट आदेश जारी करने को मजबूर हो जाएगा। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि लोकतंत्र है तो चुनाव होते रहेंगे लेकिन इसके कारण सरकार अपनी वैधानिक जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हट सकती।
जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता एडवोकेट विशाल मेहता ने अदालत को बताया कि पंजाब में 8 अक्तूबर 2025 से लोकपाल का पद खाली पड़ा है। इससे राज्य की वैधानिक भ्रष्टाचार निरोधक व्यवस्था लगभग निष्क्रिय हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले राज्य सतर्कता आयोग को यह कहकर समाप्त किया था कि लोकपाल संस्था को अधिक शक्तिशाली बनाया जाएगा लेकिन सात महीने बाद भी इस पद पर नियुक्ति नहीं हुई।
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सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से कहा गया कि पूर्व लोकपाल के इस्तीफे के बाद नई नियुक्ति नहीं हो सकी। नियुक्ति प्रक्रिया विचाराधीन है और इसके लिए राज्यपाल से परामर्श जरूरी है। इस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आखिर अदालत कब तक इंतजार करे। अदालत ने टिप्पणी की कि सत्ताधारी दल के लिए लोकपाल अहम मुद्दा रहा है लेकिन अब तक इस पद को भरने की प्रक्रिया तक शुरू नहीं की गई।
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शुक्रवार तक जवाब का अंतिम मौका
सरकार ने अदालत से जुलाई के पहले सप्ताह तक का समय मांगा और कहा कि तब तक जवाब दाखिल कर दिया जाएगा। सरकार ने यह भी दलील दी कि निकाय चुनाव की मतगणना के कारण अधिकारी व्यस्त हैं इसलिए दो दिन में जवाब देना संभव नहीं है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का हिस्सा हैं लेकिन इनके कारण वैधानिक जिम्मेदारियों से नहीं भागा जा सकता। अदालत ने सरकार को शुक्रवार तक जवाब दाखिल करने का अंतिम मौका दिया है।