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Chandigarh News: साइबर अपराध केस में लापरवाही पर हाईकोर्ट सख्त, डीजीपी तलब
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चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने साइबर अपराध से जुड़े एक मामले में अभियोजन पक्ष की तैयारी पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने अभियोजन को समय पर आवश्यक निर्देश न मिलने को गंभीर लापरवाही मानते हुए यूटी चंडीगढ़ के डीजीपी को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।
यह आदेश जस्टिस सुमित गोयल ने उस समय पारित किया, जब आरोपी की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक ने अदालत को बताया कि संबंधित विभागों से उन्हें अब तक कोई दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। इसके चलते वे मामले में प्रभावी रूप से अदालत की सहायता करने की स्थिति में नहीं हैं। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि लोक अभियोजक ने निष्पक्षता के साथ अपनी असमर्थता जाहिर की है लेकिन यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और समझ से परे है।
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराध जैसे गंभीर मामलों में अभियोजन का इस तरह तैयार न होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। हाईकोर्ट ने कहा कि आगे की कार्यवाही से पहले यह जानना आवश्यक है कि निर्देश जारी करने में कहां और क्यों चूक हुई। इसे ध्यान में रखते हुए डीजीपी को आवश्यक स्पष्टीकरण के साथ अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी को निर्धारित की गई है। उल्लेखनीय है कि आरोपी ने यूटी चंडीगढ़ के साइबर क्राइम थाना में 19 अप्रैल 2025 को दर्ज एफआईआर के संबंध में नियमित जमानत की मांग की है। ब्यूरो
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यह आदेश जस्टिस सुमित गोयल ने उस समय पारित किया, जब आरोपी की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक ने अदालत को बताया कि संबंधित विभागों से उन्हें अब तक कोई दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। इसके चलते वे मामले में प्रभावी रूप से अदालत की सहायता करने की स्थिति में नहीं हैं। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि लोक अभियोजक ने निष्पक्षता के साथ अपनी असमर्थता जाहिर की है लेकिन यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और समझ से परे है।
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न्यायालय ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराध जैसे गंभीर मामलों में अभियोजन का इस तरह तैयार न होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। हाईकोर्ट ने कहा कि आगे की कार्यवाही से पहले यह जानना आवश्यक है कि निर्देश जारी करने में कहां और क्यों चूक हुई। इसे ध्यान में रखते हुए डीजीपी को आवश्यक स्पष्टीकरण के साथ अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी को निर्धारित की गई है। उल्लेखनीय है कि आरोपी ने यूटी चंडीगढ़ के साइबर क्राइम थाना में 19 अप्रैल 2025 को दर्ज एफआईआर के संबंध में नियमित जमानत की मांग की है। ब्यूरो
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