हरियाणाः रोडवेज कर्मियों की हड़ताल पर हाईकोर्ट सख्त, दोनों यूनियनों के पदाधिकारियों को किया तलब
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हरियाणा रोडवेज कर्मियों की हड़ताल और अब इसे अन्य कर्मचारी यूनियनों द्वारा समर्थन दिए जाने को भयावह स्थिति पैदा करने वाला बताते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दोनो यूनियनों के पदाधिकारियों को तलब कर लिया है। गुरुवार को चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी एवं जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ के समक्ष एडवोकेट अरविंद सेठ ने पिछले कई दिनों से हरियाणा रोडवेज के कर्मियों द्वारा हड़ताल की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि हड़ताल के कारण राज्य में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है। इस हड़ताल में अब अन्य विभागों के कर्मचारी भी शामिल होने लगे हैं, जिसके चलते राज्य में बिजली, पानी और शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई है। सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मी बसों की हड़ताल के कारण कार्यालयों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। चीफ जस्टिस ने इसे गंभीर मुद्दा करार देते हुए दोपहर 2 बजे सुनवाई तय की और उस दौरान एडवोकेट जनरल बलदेव राज महाजन को पेश होने को कहा। इस मामले में अनुपम गुप्ता को हाईकोर्ट का सहयोग दिए जाने के लिए नियुक्त किया गया है।
दोपहर दो बजे जब इस याचिका पर सुनवाई शुरू हुई तो हरियाणा के एडवोकेट जनरल ने बताया कि हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के समक्ष पहले ही यह मामला चल रहा है। गत वर्ष रोडवेज यूनियन ने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया था कि वह हड़ताल पर नहीं जाएंगे। बावजूद इसके यूनियन ने हड़ताल का एलान किया तो इसको लेकर एक अर्जी दायर कर दी गई। सिंगल बेंच ने अब यूनियन के नेताओं के खिलाफ अवमानना के तहत सुनवाई भी आरंभ कर दी है।
चीफ जस्टिस ने इस जानकारी के बाद सिंगल बेंच के समक्ष चल रही मुख्य याचिका और अवमानना याचिका को भी अपने पास सुनवाई के लिए मंगवा लिया है। अब हाईकोर्ट में इन सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई होगी और साथ ही हाईकोर्ट ने हरियाणा रोडवेज इंप्लॉइज यूनियन तथा हरियाणा परिवहन कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों को कोर्ट में मौजूद रहने के आदेश दिए हैं।