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Punjab: पराली आधारित ईंधन की शर्त का पालन न करने वाले ईंट भट्ठों को राहत, पांच फरवरी तक नहीं होगी कार्रवाई
Thu, 11 Jan 2024 03:22 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 11 Jan 2024 03:22 PM IST
सार
याचिका में कहा गया कि पराली आधारित ईंधन कोयले की तुलना में 5 गुना ज्यादा महंगा है और यह सीजन पर ही उपलब्ध होता है। ऐसे में पंजाब सरकार के इस आदेश को रद्द किया जाना चाहिए और याचिकाकर्ताओं को राहत दी जानी चाहिए। सरकार आदेश का पालन न करने वाले भट्ठों पर कार्रवाई भी कर रही है।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट चंडीगढ़
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
पंजाब में पराली आधारित ईंधन का प्रयोग न करने वाले ईंट भट्ठों पर कार्रवाई करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 5 फरवरी तक रोक लगा दी है। ईंट भट्ठा मालिक एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट न यह आदेश जारी किया है।
याचिका दाखिल करते हुए एसोसिएशन ने हाईकोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार वे भट्ठों में कोयले का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी बीच पंजाब सरकार ने अधिसूचना जारी कर ईंट भट्ठों के लिए कुल ईंधन का 20 प्रतिशत पराली आधारित अनिवार्य कर दिया।
याचिका में बताया गया कि इससे एसोसिएशन के सदस्यों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। पराली आधारित ईंधन कोयले की तुलना में 5 गुना ज्यादा महंगा है और यह सीजन पर ही उपलब्ध होता है। ऐसे में पंजाब सरकार के इस आदेश को रद्द किया जाना चाहिए और याचिकाकर्ताओं को राहत दी जानी चाहिए। सरकार आदेश का पालन न करने वाले भट्ठों पर कार्रवाई भी कर रही है। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अब 5 फरवरी तक ईंट भट्ठों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें बंद करने पर रोक लगा दी है।
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याचिका दाखिल करते हुए एसोसिएशन ने हाईकोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार वे भट्ठों में कोयले का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी बीच पंजाब सरकार ने अधिसूचना जारी कर ईंट भट्ठों के लिए कुल ईंधन का 20 प्रतिशत पराली आधारित अनिवार्य कर दिया।
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याचिका में बताया गया कि इससे एसोसिएशन के सदस्यों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। पराली आधारित ईंधन कोयले की तुलना में 5 गुना ज्यादा महंगा है और यह सीजन पर ही उपलब्ध होता है। ऐसे में पंजाब सरकार के इस आदेश को रद्द किया जाना चाहिए और याचिकाकर्ताओं को राहत दी जानी चाहिए। सरकार आदेश का पालन न करने वाले भट्ठों पर कार्रवाई भी कर रही है। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अब 5 फरवरी तक ईंट भट्ठों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें बंद करने पर रोक लगा दी है।
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