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Highcourt: बिना बीमा सड़कों पर चल रहे हैं वाहन, हाईकोर्ट ने कहा-मुआवजे के लिए राज्यों को क्यों न करें बाध्य
Fri, 26 Jul 2024 02:45 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 26 Jul 2024 02:45 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने कहा कि जहां वाहन का बीमा न हो वहां दावेदारों के लिए मालिक या ड्राइवर से मुआवजा वसूलना बेहद मुश्किल और अव्यवहारिक हो जाता है। इस न्यायालय को कई मामलों में ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
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- फोटो : amar ujala
विस्तार
सड़कों पर बीमा के बिना दौड़ रहे वाहनों से होने वाले हादसों के शिकार होने वालों को मुआवजे की राशि में देरी न हो इसके लिए हाईकोर्ट ने व्यवस्था अपनाने पर सुझाव मांगा है।
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हाईकोर्ट ने हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ से पूछा है कि हादसे का शिकार होने वालों या उनके आश्रितों को मुआवजा देने के लिए उन्हें बाध्य किया जाए। आखिर बिना बीमे के वाहनों को राज्य ही दौड़ने दे रहे हैं। हालांकि राज्य सरकार को बाद में मालिक व ड्राइवर से वसूली करने का अधिकार दिया जाएगा।
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हाईकोर्ट के समक्ष फरीदकोट मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से जुड़ा मामला सुनवाई के लिए पहुंचा था। इसमें ट्रिब्यूनल ने बिना बीमे के चल रहे वाहन द्वारा एक्सीडेंट करने पर 26 लाख रुपये मुआवजा तय किया था और इसकी वसूली वाहन के ड्राइवर व मालिक से करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट में वाहन मालिक ने याचिका दाखिल करते हुए आदेश को चुनौती दी थी।
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हाईकोर्ट ने कहा कि जहां वाहन का बीमा न हो वहां दावेदारों के लिए मालिक या ड्राइवर से मुआवजा वसूलना बेहद मुश्किल और अव्यवहारिक हो जाता है। इस न्यायालय को कई मामलों में ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। हाईकोर्ट ने हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ के वकीलों से इस मुद्दे पर सहायता प्रदान करने को कहा है।
कोर्ट ने तीनों से पूछा है कि ऐसे मामलों में, जिनमें राज्य वैध बीमा प्राप्त किए बिना वाहनों को चलाने की अनुमति दे रहे हैं, राज्यों को पहले पीड़ित-दावेदारों को भुगतान करने के लिए क्यों नहीं बाध्य किया जाना चाहिए, तथा मालिक/चालक के विरुद्ध वसूली के अधिकार उन्हें दिए जाने चाहिए।
हाईकोर्ट ने कहा कि बिना बीमे के वाहनों को सड़क पर न चलते देना सरकार की जिम्मेदारी बनती है। ऐसे में पीड़ितों को बिना बीमे के चलते रहे वाहन का शिकार होने वालों को मुआवजा देना पहले उनकी जिम्मेदारी बनती है।