फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   High Court: Service rules of UGC and AICTE are not binding on state governments

High Court: यूजीसी और एआईसीटीई के सेवा नियम राज्य सरकारों पर बाध्य नहीं, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

Sat, 21 Jan 2023 11:58 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sat, 21 Jan 2023 11:58 PM IST
सार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि शिक्षण संस्थानों राज्य सरकार चलाती हैं, कर्मियों के लिए सेवा नियम तय करने को स्वतंत्र है। 20 वर्ष से सेवा नियमों को लेकर पेंच फंसा हुआ था।

विज्ञापन
High Court: Service rules of UGC and AICTE are not binding on state governments
punjab haryana high court - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) और ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) के बनाए सेवा नियम राज्य सरकार पर बाध्य नहीं हैं। शिक्षण संस्थान का संचालन व वित्तीय मामले सरकार देखती है और ऐसे में वह कर्मियों व शिक्षकों के सेवा नियम पर फैसला लेने को स्वतंत्र है। हाईकोर्ट के इस फैसले के साथ 20 साल से लंबित सेवा नियमों के विवाद का निपटारा हो गया।

विज्ञापन


साल 2003 में पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) के चार प्रोफेसरों ने 58 वर्ष की उम्र में रिटायर होने के मामले को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी। शिक्षकों ने यूजीसी व एआईसीटीई के नियमों का हवाला देते हुए 62 वर्ष की आयु में रिटायर करने का निर्देश जारी करने की अपील की थी।
विज्ञापन


पेक में उस दौरान पंजाब की सेवा शर्तें लागू थीं और पंजाब में रिटायरमेंट की उम्र 58 वर्ष थी। 2004 में पेक ने बैठक में रिटायरमेंट की उम्र को 62 कर दिया था लेकिन तब तक चारों याची प्रोफेसर रिटायर हो चुके थे। तब से यह याचिका हाईकोर्ट में लंबित थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने कहा कि सेवा शर्तों को लेकर यूजीसी और एआईसीटीई के नियमों के कारण ही विवाद बढ़े हैं। इन विवादों से अदालतों का काफी समय बर्बाद हुआ है। हाईकोर्ट ने कहा कि जब राज्य सरकारें इन शिक्षण संस्थानों को चला रही हैं तो वह सेवा शर्त तय करने को स्वतंत्र क्यों नहीं हैं।

लिहाजा हाईकोर्ट ने यूजीसी और एआईसीटीई को आदेश दिया है कि छह महीने में अपने दिशा निर्देशों में तय करें कि उनके सेवा नियम राज्य पर बाध्य नहीं हैं और यह वैकल्पिक हैं। राज्य सरकारों को यह स्वतंत्रता दी जाए कि वह चाहे तो नियम लागू करें या न करें।


पंजाब के नियम चंडीगढ़ पर बाध्य नहीं, केंद्र बना सकता है नियम
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में चंडीगढ़ को लेकर अहम बात कहते हुए स्पष्ट कर दिया कि चंडीगढ़ प्रशासन पंजाब के सेवा नियमों, निर्देशों व आदेशों को लागू करने को बाध्य नहीं है। केंद्र सरकार अधिकारियों को निर्देशित कर चंडीगढ़ के लिए अपने स्वयं के नियम बना सकती है। यह नियम पंजाब सरकार के समान या असमान हो सकते हैं। यह कह कर कि पंजाब के नियम चंडीगढ़ में लागू होते हैं सिर्फ इस आधार पर चंडीगढ़ में पंजाब के नियमों को बाध्यता से लागू नहीं किया जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed