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Punjab: पठानकोट में वक्फ बोर्ड की जमीन पर मंदिर का निर्माण, हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से मांगा जवाब
Wed, 22 Nov 2023 12:25 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 22 Nov 2023 12:25 AM IST
सार
याची ने कहा कि अभी इस निर्माण को रोकना जरूरी है क्योंकि अगर मंदिर निर्माण हो गया तो इसे किसी भी स्थिति में हटाया नहीं जा सकेगा। सामुदायिक केंद्र स्थानीय लोगों की जरूरत है और इसका निर्माण होना चाहिए। सरकार से याची ने अपील की है कि मंदिर को तोड़कर कब्जा हटाने का निर्देश जारी किया जाए।
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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पठानकोट में वक्फ बोर्ड की भूमि पर स्थानीय बाबा की ओर से कब्जा कर उस पर मंदिर निर्माण के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए पंजाब सरकार से जवाब तलब कर लिया है। 2012 में वक्फ बोर्ड ने यह भूमि लीज पर नगर निगम को सामुदायिक केंद्र निर्माण के लिए दी थी लेकिन निर्माण नहीं हुआ था।
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याचिका दाखिल करते हुए कंचन बाला व अन्य ने एडवोकेट विशाल अग्रवाल के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि वक्फ बोर्ड ने जनहित को देखते हुए 26 मरला भूमि 2012 में पठानकोट नगर निगम को दी थी। इस भूमि पर सामुदायिक केंद्र व ट्यूबवेल का निर्माण किया जाना था। कुछ समय पहले बाबा मुकेश गिरी ने इस भूमि के निकट मंदिर का निर्माण शुरू कर दिया। इसके बाद धीरे-धीरे उसने मंदिर परिसर को बढ़ाते हुए सामुदायिक केंद्र के लिए दी गई भूमि पर कब्जा कर लिया। इस बारे में नगर निगम व प्रशासन को शिकायत दी गई लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ।
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डीसी ने मौखिक तौर पर नगर निगम के संयुक्त आयुक्त को अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया और नगर निगम की टीम मौके पर भी गई लेकिन बाबा से बात करने के बाद बिना किसी कार्रवाई के लौट आई।
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याची ने कहा कि अभी इस निर्माण को रोकना जरूरी है क्योंकि अगर मंदिर निर्माण हो गया तो इसे किसी भी स्थिति में हटाया नहीं जा सकेगा। सामुदायिक केंद्र स्थानीय लोगों की जरूरत है और इसका निर्माण होना चाहिए। सरकार से याची ने अपील की है कि मंदिर को तोड़कर कब्जा हटाने का निर्देश जारी किया जाए। हाईकोर्ट ने याचिका पर अब पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।