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23 साल की नौकरी में 19 साल एक ही शहर में टिके रहे एसडीएम, हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से मांगा जवाब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 13 Nov 2018 12:18 AM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
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अमृतसर-2 के एसडीएम राजेश कुमार शर्मा पर भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज है। विभागीय जांच में दोषी करार दिए जा चुके हैं और भगोड़े (प्रोक्लेम ऑफेंडर) घोषित हैं। फिर भी 23 साल की सर्विस में 19 साल अमृतसर में कैसे जमे रहे। यह कहते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव को 48 घंटे में इसका जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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इस मामले में लोक भलाई इंसाफ वेलफेयर सोसायटी की ओर से एडवोकेट एचएस ढांडी ने याचिका दाखिल करते हुए बताया कि 1995 में शर्मा ने बतौर तहसीलदार नियुक्ति ली थी। नियुक्ति के बाद से ही उनके खिलाफ लगातार शिकायतें आती रहीं। इस दौरान जब प्रमोशन का समय आया तो जिस टीम को इसकी जिम्मेदारी दी गई, उसने अपनी सिफारिशों में प्रमोशन के लिए उन्हें उपयुक्त नहीं माना।
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इस दौरान विभाग द्वारा की जा रही जांच में उनके खिलाफ कार्रवाई की भी सिफारिश की गई। लेकिन इसके उलट एक माह बाद फैसला बदलते हुए उन्हें 2013 में एसडीएम के तौर पर प्रमोशन दे दिया गया। उनके खिलाफ अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। इस प्रकार की छवि वाले व्यक्ति को इस पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। याची ने हाईकोर्ट से आग्रह किया कि ऐसे में वह पंजाब सरकार को निर्देश दे कि राजेश कुमार को उनके पद से हटाया जाए।
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