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हाईकोर्ट की पुलिस को फटकार : कहा- क्रिकेटर युवराज सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने वाले की मंशा पता करे
Sat, 27 Mar 2021 12:59 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 27 Mar 2021 12:59 AM IST
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युवराज सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
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अनुसूचित जाति पर आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में दर्ज एफआईआर में जांच आगे न बढ़ने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पुलिस को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने हरियाणा पुलिस को शिकायत को दर्ज करवाने के पीछे शिकायतकर्ता की मंशा पता कर अगली सुनवाई पर हलफनामा सौंपने का आदेश दिया है। साथ ही अंतरिम आदेश जारी रखते हुए अगली सुनवाई तक क्रिकेटर युवराज सिंह पर किसी भी प्रकार की पुलिस कार्रवाई पर रोक जारी रखी है।
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याचिका दाखिल करते हुए युवराज सिंह ने बताया था कि एक अप्रैल 2020 को वह सोशल मीडिया पर अपने साथी रोहित शर्मा के साथ लाइव चैट कर रहे थे। इस दौरान लॉकडाउन को लेकर चर्चा के दौरान उन्होंने मजाक में अपने साथी युजवेंद्र सिंह और कुलदीप यादव को कुछ शब्द कह दिए थे।
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इसके बाद यह वीडियो वायरल हो गया और इसके साथ यह संदेश जोड़ा गया कि यह अनुसूचित वर्ग का अपमान है। यह सब एक मजाक का हिस्सा था और इसका मकसद किसी का अपमान करना नहीं था। युवराज सिंह ने कहा कि वह शब्द उन्होंने अपने दोस्त के पिता के शादी में नाचने पर टिप्पणी के रूप में कहे थे जो मजाकिया अंदाज में थे। इसके स्पष्टीकरण के बावजूद याची पर एफआईआर दर्ज की गई।
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युवराज को अंतरिम जमानत देते हुए हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि लोगों को ऐसी बातें करने से बचना चाहिए जिसका कोई गलत मतलब निकाल सके और यह बात मशहूर लोगों के मामले में ज्यादा लागू होनी चाहिए। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान युवराज के वकील ने कहा कि इस मामले में जांच पर रोक नहीं थी, बावजूद इसके पुलिस की जांच आगे नहीं बढ़ी। इस पर पुलिस ने कहा कि वीडियो के सैंपल सीएफएसएल भेजे गए हैं और इसी के कारण देरी हो रही है। हाईकोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा कि जब याची खुद मान रहा है वीडियो उसकी है तो इस प्रक्रिया की क्या आवश्यकता थी। हाईकोर्ट ने अब शिकायतकर्ता की मंशा के बारे में पुलिस से जवाब मांगा है। साथ ही अगली सुनवाई पर जांच की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।