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हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी: सोशल मीडिया पर भगवान श्रीकृष्ण का अपमान समाज के प्रति अपराध, याचिका खारिज की
Mon, 21 Feb 2022 08:41 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 21 Feb 2022 08:41 PM IST
सार
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के प्रति इस प्रकार की टिप्पणी करना समाज के प्रति अपराध की श्रेणी में आता है। इसके बाद हाईकोर्ट ने एफआईआर रद्द करने की मांग वाली याचिका को भी खारिज कर दिया।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन सोशल मीडिया पर भगवान श्री कृष्ण को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में एफआईआर रद्द करने की मांग वाली याचिका पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सिरे से खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने कहा कि इस प्रकार की टिप्पणी समाज के प्रति अपराध की श्रेणी में आती है।
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फतेहाबाद निवासी ननू कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि इस मामले में शिकायतकर्ता से उसका पंचायत स्तर पर समझौता हो चुका है। ऐसे में एफआईआर को खारिज किया जाए। इस मामले में याची ने सोशल मीडिया पर भगवान श्रीकृष्ण को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके साथ ही कुछ आपत्तिजनक फोटो भी जन्माष्टमी के दिन सोशल मीडिया पर डाले थे।
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हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि याची ने सोशल मीडिया पर यह आपत्तिजनक टिप्पणी की है जिसे लाखों लोगों ने देखा है। यह कोई निजी अपराध नहीं है कि शिकायतकर्ता से समझौते को आधार बनाकर एफआईआर को रद्द कर दिया जाए। यह मामला बेहद संगीन है। भगवान श्रीकृष्ण के प्रति इस प्रकार की टिप्पणी करना समाज के प्रति अपराध की श्रेणी में आता है। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने एफआईआर रद्द करने की मांग को लेकर दाखिल याचिका को सिरे से खारिज कर दिया।
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