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Hindi News ›   Chandigarh ›   High Court said Dismissal for not paying maintenance is wrong CRPF should consider other punishment

गुजारा भत्ता न देने पर बर्खास्तगी गलत, अन्य सजा पर विचार करे सीआरपीएफ : हाईकोर्ट

Tue, 25 Jun 2024 05:51 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jun 2024 05:51 AM IST
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High Court said Dismissal for not paying maintenance is wrong CRPF should consider other punishment
कहा-व्यक्ति का पूरा परिवार आजीविका के लिए उस पर निर्भर, किसी अन्य सजा पर हो विचार
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-सीआरपीएफ के कांस्टेबल की याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनाया अहम आदेश

अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। पत्नी को गुजारा भत्ता देने में नाकाम रहने पर बर्खास्तगी के आदेश को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने गलत करार देते हुए रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि गुजारा भत्ता देने के लिए बाध्य करने के लिए जारी यह आदेश यदि लागू होगा तो याची का पूरा परिवार इससे प्रभावित होगा और आजीविका का माध्यम खत्म हो जाएगा। हाईकोर्ट ने ऐसे में अब इसके अतिरिक्त किसी अन्य सजा पर विचार करने का सीआरपीएफ को आदेश दिया है।
महेंद्रगढ़ निवासी सुरेंद्र कुमार ने याचिका दाखिल करते हुए बताया कि वह 2010 में सीआरपीएफ में कांस्टेबल भर्ती हुआ था। नियुक्ति के समय वह विवाहित था और उसके दो बच्चे थे। याची का किसी अन्य महिला से कथित पर संबंध था, जिसके चलते दंपती के बीच वैवाहिक विवाद शुरू हो गया। स्थानीय अदालत ने याची को आदेश दिया था कि वह पत्नी को गुजारा भत्ता के तौर पर 10 हजार रुपये महीना भुगतान करेगा। याची की पत्नी ने उसकी शिकायत सीआरपीएफ में भी की थी। इसके बाद पत्नी को गुजारा भत्ता न देने और उच्च अधिकारियों की अवहेलना के चलते अप्रैल 2018 में उसे बर्खास्त कर दिया गया। याची ने इसी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याची ने कहा कि उस पर ड्यूटी में लापरवाही का कोई आरोप नहीं है, उसका पारिवारिक विवाद है, जिसे सुलझा लिया गया है। पत्नी को उससे अब कोई शिकायत नहीं है और सीआरपीएफ चाहे तो उसके वेतन का 50 प्रतिशत हिस्सा पत्नी को दे सकती है।
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हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि बर्खास्तगी की सजा अपराध के अनुपात में ठीक नहीं है। सीआरपीएफ की सजा का उद्देश्य याची को गुजारा भत्ता देने के लिए बाध्य करना था, जो इस आदेश से पूरा नहीं होगा। बर्खास्तगी से याची का पूरा परिवार आजीविका से वंचित हो गया है। इस प्रकार सेवा से हटाने का आदेश सजा के उद्देश्य के विपरीत है। हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी का आदेश रद्द करते हुए किसी अन्य सजा पर विचार करने का सीआरपीएफ को आदेश दिया है।
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