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Chandigarh News: बच्चे पर आपत्तिजनक टिप्पणी, पुलिस को नहीं दी जानकारी, मां को राहत से हाईकोर्ट का इन्कार
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-फरीदाबाद में बच्चे की मां ने प्रिंसिपल को दी थी शिकायत, कार्रवाई न होने पर कर ली थी आत्महत्या
-प्रिंसिपल ने ट्रायल में मृतक बच्चे की मां को सह आरोपी बनाने के लिए दाखिल की थी अर्जी
-अर्जी पर जारी नोटिस को मां ने दी थी हाईकोर्ट में चुनौती, हाईकोर्ट ने याचिका की खारिज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
बच्चे पर स्कूल में आपत्तिजनक टिप्पणियों की शिकायत पुलिस को न देने और बाद में बच्चे की आत्महत्या के चलते मां को ट्रायल में सह आरोपी बनाने के लिए दाखिल प्रिंसिपल की अर्जी को खारिज करने से हाईकोर्ट ने इन्कार कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि यह ट्रायल कोर्ट को तय करना है कि नोटिस पर जवाब आने के बाद मां पर ट्रायल चलेगा या नहीं। याचिका दाखिल करते हुए बच्चे की मां ने हाईकोर्ट को बताया कि उसके बेटे को सहपाठियों द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा था। इस बारे में याची ने स्कूल प्रबंधन को शिकायत दी थी लेकिन उनके कदम न उठाने के चलते याची के बेटे ने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में स्कूल की प्रिंसिपल समेत अन्य के खिलाफ पोक्सो एक्ट में ट्रायल चल रहा है। इस मामले में प्रिंसिपल ने अर्जी दाखिल करते हुए याची को भी आरोपी के तौर पर समन करने की मांग की है। इस अर्जी पर ट्रायल कोर्ट ने याची को नोटिस जारी कर दिया है जबकि याची तो मृतक की मां होने के नाते पीड़ित है। हाईकोर्ट ने कहा कि पोक्सो एक्ट के तहत बच्चे के साथ किसी भी प्रकार का अपराध होने पर इसकी जानकारी रखने वाले के लिए इसे पुलिस को बताना अनिवार्य है। याची ने इस बारे में पुलिस को जानकारी नहीं दी। इसी के चलते याची को इस मामले में सह आरोपी बनाने को लेकर पक्ष रखने का मौका दिया गया है। अब यह ट्रायल कोर्ट को तय करना है कि याची पर सह आरोपी के तौर पर ट्रायल चलेगा या नहीं।
यह था मामला
फरीदाबाद के स्कूल में दसवीं कक्षा के एक छात्र ने ने शारीरिक व्यवहार को लेकर सहपाठियों की आपत्तिजनक टिप्पणियों के चलते आत्महत्या कर ली थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी और प्रिंसिपल को भी आरोपी बनाया गया था।
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-प्रिंसिपल ने ट्रायल में मृतक बच्चे की मां को सह आरोपी बनाने के लिए दाखिल की थी अर्जी
-अर्जी पर जारी नोटिस को मां ने दी थी हाईकोर्ट में चुनौती, हाईकोर्ट ने याचिका की खारिज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
बच्चे पर स्कूल में आपत्तिजनक टिप्पणियों की शिकायत पुलिस को न देने और बाद में बच्चे की आत्महत्या के चलते मां को ट्रायल में सह आरोपी बनाने के लिए दाखिल प्रिंसिपल की अर्जी को खारिज करने से हाईकोर्ट ने इन्कार कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि यह ट्रायल कोर्ट को तय करना है कि नोटिस पर जवाब आने के बाद मां पर ट्रायल चलेगा या नहीं। याचिका दाखिल करते हुए बच्चे की मां ने हाईकोर्ट को बताया कि उसके बेटे को सहपाठियों द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा था। इस बारे में याची ने स्कूल प्रबंधन को शिकायत दी थी लेकिन उनके कदम न उठाने के चलते याची के बेटे ने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में स्कूल की प्रिंसिपल समेत अन्य के खिलाफ पोक्सो एक्ट में ट्रायल चल रहा है। इस मामले में प्रिंसिपल ने अर्जी दाखिल करते हुए याची को भी आरोपी के तौर पर समन करने की मांग की है। इस अर्जी पर ट्रायल कोर्ट ने याची को नोटिस जारी कर दिया है जबकि याची तो मृतक की मां होने के नाते पीड़ित है। हाईकोर्ट ने कहा कि पोक्सो एक्ट के तहत बच्चे के साथ किसी भी प्रकार का अपराध होने पर इसकी जानकारी रखने वाले के लिए इसे पुलिस को बताना अनिवार्य है। याची ने इस बारे में पुलिस को जानकारी नहीं दी। इसी के चलते याची को इस मामले में सह आरोपी बनाने को लेकर पक्ष रखने का मौका दिया गया है। अब यह ट्रायल कोर्ट को तय करना है कि याची पर सह आरोपी के तौर पर ट्रायल चलेगा या नहीं।
यह था मामला
फरीदाबाद के स्कूल में दसवीं कक्षा के एक छात्र ने ने शारीरिक व्यवहार को लेकर सहपाठियों की आपत्तिजनक टिप्पणियों के चलते आत्महत्या कर ली थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी और प्रिंसिपल को भी आरोपी बनाया गया था।
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