फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   High Court raised questions on medical issued by Liberty Hospital in Mohali, ordered investigation

Highcourt: जिस तारीख को बीमार बता दिया मेडिकल, उसी दिन अगले दिन के लिए बता दिया फिट; अब होगी जांच

Fri, 14 Jun 2024 04:07 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 14 Jun 2024 04:07 PM IST
सार

आरोपी जसविंदर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर उसके खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट को चुनौती दी थी। याची ने बताया कि उसे पेट में इंफेक्शन और बुखार है, इसके समर्थन में उसने 27 मई 2024 को जारी मेडिकल पेश किया जिसमें उसे आराम करने की सलाह दी गई थी। इसी मेडिकल पर कोर्ट ने सवाल उठाए हैं। 

विज्ञापन
High Court raised questions on medical issued by Liberty Hospital in Mohali, ordered investigation
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मोहाली फेज 3 के लिबर्टी अस्पताल की ओर से एक ही दिन बीमार बताकर आराम करने की सलाह और उसी दिन फिटनेस सर्टिफिकेट जारी कर आगे दिन के लिए फिट बताने वाले प्रमाणपत्र को सवाल के घेरे में खड़ा करते हुए हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार के स्वास्थ्य सचिव को जांच का आदेश दिया है।

विज्ञापन


एक आपराधिक मामले में आरोपी जसविंदर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए उसके खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट को चुनौती दी थी। याची ने बताया कि उसने केस की तिथि गलती से 28 मई के स्थान पर 27 मई दर्ज कर ली थी और इसी वजह से वह अदालत में पेश नहीं हो सका। याची ने बताया कि उसे पेट में इंफेक्शन और बुखार है, इसके समर्थन में उसने 27 मई 2024 को जारी मेडिकल पेश किया जिसमें उसे आराम करने की सलाह दी गई थी। कोर्ट के संज्ञान में लाया गया कि उसे उसी दिन डाक्टर ने 28 मई को अदालत में पेश होने के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि याची साफ सुथरी नियत से कोर्ट में नहीं आया है और अदालत को गुमराह करने की कोशिश की है।
विज्ञापन


अगर याची ने गलती से तारीख 27 मई की जगह 28 मई नोट की थी तो इसकी जानकारी उन्हें अपने वकील को देनी चाहिए थी जोकि नहीं दी गई। याची की बीमारी इतनी गंभीर भी नहीं है कि वह चल फिर न सके इसलिए वह अग्रिम जमानत का हकदार नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसे में हाईकोर्ट ने याची को एक सप्ताह के भीतर ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया और मजिस्ट्रेट को तुरंत उसकी जमानत याचिका पर विचार करने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने पंजाब के स्वास्थ्य सचिव को आदेश दिया है कि लिबर्टी अस्पताल द्वारा जारी मेडिकल सर्टिफिकेट की प्रमाणिकता की जांच कम से कम ज्वाइंट डाइरेक्टर स्तर के अधिकारी से करवाई जाए और 4 सप्ताह के भीतर कोर्ट के समक्ष जांच रिपोर्ट पेश की जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed