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Haryana News: पीजीटी संस्कृत की नियुक्ति का रास्ता साफ, 2012 के नियम ही होंगे लागू, हाईकोर्ट का अहम आदेश
Fri, 13 Jan 2023 10:37 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 13 Jan 2023 10:37 PM IST
सार
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की डबल बेंच के आदेश पर 1 जनवरी 2019 को फाइनल रिजल्ट घोषित किया गया। सिंगल बेंच ने नवंबर 2019 में अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि जब शिक्षा शास्त्री को एचटीईईटी में शामिल होने की इजाजत दी गई है तो अब उन्हें अयोग्य करार नहीं दिया जा सकता।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पीजीटी संस्कृत शिक्षकों की 2015 की भर्ती के एक मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि भर्ती के लिए 2012 के नियम ही लागू होंगे, 2017 के संशोधन को इसमें लागू नहीं किया जा सकता है। 2017 के नियम भविष्य की भर्तियों के लिए ही लागू किए जा सकते हैं। कोर्ट के इस फैसले से 2015 में एमए संस्कृत और बीएड की योग्यता वाले 523 आवेदकों की नियुक्ति पत्र जारी करने का आदेश देते हुए इनकी नियुक्ति का रास्ता साफ कर दिया है।
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सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ स्नेहलता सहित अन्य आवेदकों ने अपील में बताया था कि हरियाणा सरकार ने 2015 में पीजीटी संस्कृत के पदों के लिए आवेदन मांगे थे। 2012 में तय नियम के तहत इन पदों के लिए एमए संस्कृत और बीएड को योग्यता का पैमाना बनाया गया था। इस भर्ती के लिए लिखित परीक्षा का पैमाना तय किया गया था जो 2016 में आयोजित की गई थी। इसके बाद दो साल तक सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पूरा नहीं किया। 2017 में सरकार ने इन पदों के लिए अनिवार्य योग्यता में शिक्षा शास्त्री को भी शामिल कर लिया और 2018 में इंटरव्यू लिए गए।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की डबल बेंच के आदेश पर 1 जनवरी 2019 को फाइनल रिजल्ट घोषित किया गया। सिंगल बेंच ने नवंबर 2019 में अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि जब शिक्षा शास्त्री को एचटीईईटी में शामिल होने की इजाजत दी गई है तो अब उन्हें अयोग्य करार नहीं दिया जा सकता।
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2017 के संशोधन को पिछली तिथि से लागू करने के हरियाणा सरकार के फैसले को स्वीकार कर लिया था। इस फैसले के खिलाफ एमए संस्कृत और बीएड के आवेदकों ने हाईकोर्ट की डबल बेंच में अपील दायर कर चुनौती दी थी। अब हाईकोर्ट ने इन सभी आवेदकों की अपील को स्वीकार कर लिया है और आदेश दिया है कि 2017 के संशोधन को 2015 की इस भर्ती में पिछली तारीख से लागू नहीं किया जा सकता है।