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Hindi News ›   Chandigarh ›   High Court ordered Punjab and Haryana to hand over details of steps taken to prevent animal cruelty

Highcourt: पशुओं पर क्रूरता रोकने के लिए उठाए कदमों का ब्यौरा तलब, पंजाब-हरियाणा को देनी होगी स्टेटस रिपोर्ट

Tue, 04 Apr 2023 12:03 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 04 Apr 2023 12:03 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने इस मामले में इससे पहले कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर हरियाणा व पंजाब के प्रत्येक जिलों में मौजूद आश्रय स्थलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था। अब दोनों सरकारों को 2001 के नियामों का पालन करने की दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी सौंपने का आदेश दिया है।

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High Court ordered Punjab and Haryana to hand over details of steps taken to prevent animal cruelty
Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh - फोटो : File Photo

विस्तार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पशु चिकित्सालयों व आश्रय स्थलों में मूल भूत सुविधाओं की कमी को दूर करने व पशुओं पर क्रूतरा रोकले के लिए उठाए गए कदमों का ब्यौरा पंजाब व हरियाणा सरकार को सौंपने का आदेश दिया है। दोनों राज्यों के पशु पालन निदेशक को इस बारे में अगली सुनवाई पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करनी होगी।

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मोगली एनिमल वेलफेयर सोसाइटी चंडीगढ़ ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया गया था कि पशु क्रूरता की रोकथाम नियम के अनुसार अस्पताल और पशु आश्रय के निर्माण के उद्देश्य से जिला सोसायटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रूएलिटी टू एनिमल(एसपीसीए) को पर्याप्त भूमि और अन्य सुविधाएं प्रदान करना आवश्यक है। पशुओं के लिए अस्पताल, आश्रय के प्रभावी संचालन और रखरखाव के लिए एक पूर्णकालिक पशु चिकित्सक और अन्य कर्मचारियों को उपलब्ध कराना भी आवश्यक है।
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भारत सरकार द्वारा आधिकारिक राजपत्र में पशुओं के प्रति क्रूरता की रोकथाम नियम 2001 के अधिसूचित होने के दो दशक बीत जाने के बावजूद इसका सही पालन नहीं किया जा रहा है। याचिका में नियमों को सही ढंग से लागू करने की मांग की गई है। हाईकोर्ट ने इस मामले में इससे पहले कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर हरियाणा व पंजाब के प्रत्येक जिलों में मौजूद आश्रय स्थलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था। अब दोनों सरकारों को 2001 के नियामों का पालन करने की दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी सौंपने का आदेश दिया है।

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