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हाईकोर्ट का फरमान- साइबर क्राइम की चपेट में है हरियाणा, रोकने के लिए हर संभव कदम उठाएं
Thu, 17 Oct 2019 12:29 PM IST
खुशबू गोयल
विवेक शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
विवेक शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 17 Oct 2019 12:29 PM IST
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साइबर क्राइम
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हरियाणा में बढ़ते साइबर क्राइम को लेकर दाखिल जनहित याचिका का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट ने गृह सचिव को इसे रोकने के लिए हर संभव प्रयास करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही साइबर क्राइम रोकने के लिए हर जिले में सेल बनाने की रिप्रजेंटेशन पर भी फैसला लेने के आदेश दिए हैं।
याचिकाकर्ता गुरुग्राम निवासी दिनेश कुमार ढकोरिया ने एक समाचार पत्र का हवाला देते हुए हाईकोर्ट को बताया कि साइबर क्राइम के मामले में हरियाणा सबसे आगे है। प्रदेश में ई मेल हैकिंग, बैंक अकाउंट हैकिंग, डाटा चोरी, क्रेडिट कार्ड फ्रॉड, पोर्नोग्राफी, एटीएम क्लोनिंग व अन्य बहुत सी साइबर क्राइम की घटनाएं हो रही हैं, जिन्हें रोकने की जरूरत है।
याची ने कहा कि प्रदेश में साइबर क्राइम का क्या स्तर है इसको जानने के लिए आरटीआई दायर की गई थी। कुछ जिलों ने तो सही जानकारी तक उपलब्ध नहीं करवाई। आरटीआई के जवाब में पता चला कि हर जिले में साइबर क्राइम सेल नहीं है, जिसके कारण इन अपराधों पर लगाम नहीं लग पा रही है।
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याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि प्रत्येक जिले में साइबर क्राइम सेल मौजूद हो, जिसमें आधुनिक उपकरण मौजूद हों। इसके साथ ही इसमें एक योग्य व्यक्ति को तैनात किया जाए जो या तो बीटेक कंप्यूटर साइंस हो या फिर एमसीए। याची ने बताया कि उन्होंने अपनी मांग को लेकर मुख्यमंत्री, गृह सचिव व डीजीपी को रिप्रजेंटेशन भी दी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए हरियाणा के गृह सचिव को आदेश दिए हैं कि वह याची की रिप्रजेंटेशन पर फैसला लें। इसके साथ ही उन्हें साइबर क्राइम रोकने के लिए हर संभव कदम उठाने के भी आदेश दिए हैं।
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याचिकाकर्ता गुरुग्राम निवासी दिनेश कुमार ढकोरिया ने एक समाचार पत्र का हवाला देते हुए हाईकोर्ट को बताया कि साइबर क्राइम के मामले में हरियाणा सबसे आगे है। प्रदेश में ई मेल हैकिंग, बैंक अकाउंट हैकिंग, डाटा चोरी, क्रेडिट कार्ड फ्रॉड, पोर्नोग्राफी, एटीएम क्लोनिंग व अन्य बहुत सी साइबर क्राइम की घटनाएं हो रही हैं, जिन्हें रोकने की जरूरत है।
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याची ने कहा कि प्रदेश में साइबर क्राइम का क्या स्तर है इसको जानने के लिए आरटीआई दायर की गई थी। कुछ जिलों ने तो सही जानकारी तक उपलब्ध नहीं करवाई। आरटीआई के जवाब में पता चला कि हर जिले में साइबर क्राइम सेल नहीं है, जिसके कारण इन अपराधों पर लगाम नहीं लग पा रही है।
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याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि प्रत्येक जिले में साइबर क्राइम सेल मौजूद हो, जिसमें आधुनिक उपकरण मौजूद हों। इसके साथ ही इसमें एक योग्य व्यक्ति को तैनात किया जाए जो या तो बीटेक कंप्यूटर साइंस हो या फिर एमसीए। याची ने बताया कि उन्होंने अपनी मांग को लेकर मुख्यमंत्री, गृह सचिव व डीजीपी को रिप्रजेंटेशन भी दी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए हरियाणा के गृह सचिव को आदेश दिए हैं कि वह याची की रिप्रजेंटेशन पर फैसला लें। इसके साथ ही उन्हें साइबर क्राइम रोकने के लिए हर संभव कदम उठाने के भी आदेश दिए हैं।