{"_id":"5a2980e04f1c1baf678c04e4","slug":"high-court-notice-to-union-minister-krishnpal-gujjar","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुज्जर को हाईकोर्ट का नोटिस, देखिए क्या है मामला?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुज्जर को हाईकोर्ट का नोटिस, देखिए क्या है मामला?
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 08 Dec 2017 09:18 AM IST
विज्ञापन
Union minister Krishan Pal Gurjar
- फोटो : File Photo
केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुज्जर के पारिवारिक नजदीकी लोगों पर फरीदाबाद में करोड़ों की जमीन पर कब्जा के प्रयास का आरोप लगाते हुए उनसे जान का खतरा बता शिकायतकर्ता ने सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है।
याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुज्जर समेत अन्य को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए फरीदाबाद के डीसीपी को आदेश दिया है कि वे अगली सुनवाई पर सुरक्षा को लेकर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करें।
याचिका में कहा गया कि हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में सुरक्षा के आदेश दिए गए थे परंतु इसके बावजूद पुलिस अधिकारी उसकी सुरक्षा नहीं कर रहे हैं। याची ने कहा कि पुलिस यह कहकर सुरक्षा से इनकार कर रही है कि वे मंत्री जी से दुश्मनी मोल नहीं ले सकती। फरीदाबाद के मेवला महाराजपुर गांव के 63 वर्षीय बिशम्बर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुज्जर के कुछ नजदीकी लोग उसकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं और उनसे उनको जान माल का खतरा है। पुलिस भी आरोपियों के प्रभावशाली होने के कारण कार्रवाई की जगह उनका साथ दे रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुज्जर समेत अन्य को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए फरीदाबाद के डीसीपी को आदेश दिया है कि वे अगली सुनवाई पर सुरक्षा को लेकर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करें।
विज्ञापन
याचिका में कहा गया कि हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में सुरक्षा के आदेश दिए गए थे परंतु इसके बावजूद पुलिस अधिकारी उसकी सुरक्षा नहीं कर रहे हैं। याची ने कहा कि पुलिस यह कहकर सुरक्षा से इनकार कर रही है कि वे मंत्री जी से दुश्मनी मोल नहीं ले सकती। फरीदाबाद के मेवला महाराजपुर गांव के 63 वर्षीय बिशम्बर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुज्जर के कुछ नजदीकी लोग उसकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं और उनसे उनको जान माल का खतरा है। पुलिस भी आरोपियों के प्रभावशाली होने के कारण कार्रवाई की जगह उनका साथ दे रही है।
विज्ञापन
Trending Videos
Union minister Krishan Pal Gurjar
याचिकाकर्ता के वकील संदीप शर्मा ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता की मेन रोड पर दो एकड़ के करीब जमीन है। प्राइम लोकेशन होने के कारण उसका बाजार भाव बहुत ज्यादा है। इसी कारण गांव के तिलक राज, सागर सिंह व मुकेश कुमार उस जमीन को हड़पना चाहते हैं।
तीनों ने पहले जमीन उनको बेचने के लिए कहा। लेकिन याचिकाकर्ता के इंकार करने पर तीनों जेसीबी मशीन लेकर आए और उस जमीन पर बनी दुकान अन्य निमार्ण पर तोड़ फोड़ की। याचिकाकर्ता ने बड़ी मुश्किल से उनको रोका। जाते समय चेतावनी देकर गए कि वो केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुज्जर नजदीकी पारिवारिक सदस्य हैं। अगर उसने जमीन नहीं बेची तो वो जमीन के अलावा अपनी जान से भी हाथ धो बैठेगा।
एसएचओ ने भी जमीन आरोपियों को बेचने की सलाह दी
याचिकाकर्ता ने जब इस मामले की शिकायत एसएचओ सुरजकुड़ को की तो उसने कोई कार्रवाई करने की अपेक्षा याचिकाकर्ता को सलाह दी कि वो अपनी जमीन उनको बेच दे। याचिकाकर्ता का कहना हैं कि जमीन उसकी हैं उस पर कब्जा उसका है और उसके निर्वाह की साधन है। ऐसे में वो अपनी जमीन बेचना नहीं चाहता। हाईकोर्ट के जस्टिस सुदीप आहलुवालिया ने याचिका पर नोटिस जारी करते हुए फरीदाबाद के डीसीपी को आदेश दिया कि वो इस मामले की हाईकोर्ट के पहले जारी आदेश पर स्टेटस रिपोर्ट दायर करे।
तीनों ने पहले जमीन उनको बेचने के लिए कहा। लेकिन याचिकाकर्ता के इंकार करने पर तीनों जेसीबी मशीन लेकर आए और उस जमीन पर बनी दुकान अन्य निमार्ण पर तोड़ फोड़ की। याचिकाकर्ता ने बड़ी मुश्किल से उनको रोका। जाते समय चेतावनी देकर गए कि वो केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुज्जर नजदीकी पारिवारिक सदस्य हैं। अगर उसने जमीन नहीं बेची तो वो जमीन के अलावा अपनी जान से भी हाथ धो बैठेगा।
एसएचओ ने भी जमीन आरोपियों को बेचने की सलाह दी
याचिकाकर्ता ने जब इस मामले की शिकायत एसएचओ सुरजकुड़ को की तो उसने कोई कार्रवाई करने की अपेक्षा याचिकाकर्ता को सलाह दी कि वो अपनी जमीन उनको बेच दे। याचिकाकर्ता का कहना हैं कि जमीन उसकी हैं उस पर कब्जा उसका है और उसके निर्वाह की साधन है। ऐसे में वो अपनी जमीन बेचना नहीं चाहता। हाईकोर्ट के जस्टिस सुदीप आहलुवालिया ने याचिका पर नोटिस जारी करते हुए फरीदाबाद के डीसीपी को आदेश दिया कि वो इस मामले की हाईकोर्ट के पहले जारी आदेश पर स्टेटस रिपोर्ट दायर करे।