Punjab: सुखपाल सिंह खैरा की याचिका पर पंजाब सरकार को हाईकोर्ट का नोटिस, जवाब दाखिल करने का आदेश
सुखपाल सिंह खैरा ने अपनी याचिका में गिरफ्तारी को अवैध करार दिया और इस कार्रवाई को रद्द करने की मांग की। इसके साथ ही उनको न्यायिक हिरासत में भेजने के निचली अदालत फैसले को भी रद्द करने की मांग की है।
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2015 में दर्ज नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) केस में गिरफ्तारी और निचली अदालत द्वारा हिरासत बढ़ाने के आदेश को सुखपाल सिंह खैरा ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। अब सुखपाल खैरा की याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को पंजाब सरकार समेत अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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याचिका में सुखपाल खैरा ने बताया कि इस मामले में याची को विभिन्न स्तर पर राहत के बावजूद पंजाब पुलिस उनके खिलाफ कानून के खिलाफ जाकर कार्रवाई कर रही है। पहले वह आम आदमी पार्टी में थे और बाद में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया। इसी के चलते उनके खिलाफ राजनीतिक द्वेष के कारण यह कार्रवाई की जा रही है।
खैरा ने अपनी याचिका में गिरफ्तारी को अवैध करार दिया और इस कार्रवाई को रद्द करने की मांग की। इसके साथ ही उनको न्यायिक हिरासत में भेजने के निचली अदालत फैसले को भी रद्द करने की मांग की है।
यह है मामला
मार्च 2015 में फाजिल्का के जलालाबाद में एनडीपीएस एक्ट में एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले में गुरदेव सिंह सहित नौ लोगों पर मामला दर्ज किया गया था और बाद में उन्हें एनडीपीएस अधिनियम के तहत दोषी ठहराया गया था। पुलिस ने उनके पास से दो किलो हेरोइन, सोने के 24 बिस्कुट, एक देशी पिस्तौल, एक .315 बोर की पिस्तौल और दो पाकिस्तानी सिम कार्ड बरामद किए थे।
बाद में पुलिस जांच के दौरान खैरा का नाम सामने आया। 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने अतिरिक्त आरोपी के रूप में तलब किए गए खैरा के खिलाफ ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। उन्हें 2015 के ड्रग्स मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में 2021 में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था। 2022 में उन्हें जमानत मिल गई। फरवरी 2023 में शीर्ष अदालत ने ड्रग्स मामले में खैरा के खिलाफ समन आदेश को रद्द कर दिया। अब खैरा को 28 सितंबर को पंजाब पुलिस ने उनके चंडीगढ़ स्थित आवास से गिरफ्तार किया है।