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जाट आंदोलन पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से मांगा जवाब
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 20 Feb 2016 12:02 AM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस एसके मित्तल की डिवीजन बेंच ने जाट आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन से पैदा हुई स्थिति पर हरियाणा सरकार से जवाब मांगा है।
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सरकार को मंगलवार तक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। भिवानी के एक व्यक्ति ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि आंदोलन के कारण आम लोगों को परेशानी हो रही है, इसलिए अदालत इसमें दखल दे।
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मुरारी लाल गुप्ता ने याचिका में कहा है कि आंदोलन से प्रदेश के 15 जिले प्रभावित हो रहे हैं। विशेषकर रोहतक, हिसार, जींद और भिवानी में दूध, सब्जी एवं पेट्रोल तक की किल्लत आने लगी है। आंदोलनकारियों ने संपर्क सड़कों पर यातायात ठप कर रखा है। इसके अलावा 900 से अधिक बस रूट एवं 300 से अधिक रेल सेवा बंद पड़ी हैं।
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‘सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन’
याचिका में कहा है कि यह आंदोलन सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है। सुप्रीम कोर्ट तय कर चुका है कि अपनी मांगों के लिए कोई व्यक्ति आंदोलन कर सकता है, लेकिन इससे किसी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए और न ही आम लोगों के लिए बाधा खड़ी होनी चाहिए।
याचिका में कहा है कि इस आदेश के विपरीत कुछ जाट संगठन आंदोलन कर रहे हैं। इस दौरान न केवल सार्वजनिक, बल्कि लोगों की निजी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है और प्रदेश के हालात बिगड़ रहे हैं।