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पांच मंजिला इमारत निर्माण को लेकर सीएचबी को हाईकोर्ट का नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 10 Nov 2017 09:15 AM IST
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सेक्टर 51 में पांच मंजिला इमारतें बनाने के हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के आदेशों को चुनौती देते हुए स्थानीय निवासियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने हाउसिंग बोर्ड, यूटी प्रशासन सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि अब कोई निर्माण हुआ और फैसला उनके खिलाफ आया तो नुकसान के लिए खुद जिम्मेदार होंगे।
याचिका दाखिल करते हुए बलविंदर सिंह व अन्य की ओर से कहा गया कि उन्होंने सेक्टर 51 में हाउसिंग बोर्ड द्वारा लगाई गई बोली से अपने लिए घर खरीदा था। इसके लिए जो साइट प्लान मौजूद था, उसमें पार्क का स्थान भी दिखाया गया था। अब हाउसिंग बोर्ड ने इस स्थान पर पांच मंजिला इमारत बनाने का निर्णय ले लिया है। याची ने कहा कि पार्क शहर के रिहायशी स्थानों का अहम हिस्सा है और इसे देखकर ही उन्होंने इस जगह आवास खरीदने का निर्णय लिया था।
याची ने कहा कि जब हाउसिंग बोर्ड से इस बारे में बात हुई तो उन्होंने कहा कि इसे किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। याची ने कहा कि जिस स्थान पर पार्क को शिफ़्ट करने की बात की जा रही है, वह नेशनल हाईवे पर आता है और ऐसे में यहां पार्क होना बच्चों की जान के लिए खतरा बन सकता है। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से अपील की कि 2001 और 2010 में जो ब्रोशर थे उन्हीं के अनुरूप स्थान रहे और पांच मंजिल के मकान बनाने की अनुमति न देने के साथ ही यह भी अपील की कि पार्क उसी स्थान पर बनाया जाए जहां पर उन्हें साइट प्लान में दिखाया गया था। हाईकोर्ट ने इस मामले में कड़ा रवैया अपनाते हुए हाऊसिंग बोर्ड, प्रशासन व अन्य को नोटिस जारी किया है। साथ ही हाईकोर्ट ने कहा कि यदि अब निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई और फैसला ठेकेदारों और प्रशासन के पक्ष में नहीं आता है तो उस स्थिति में नुकसान के लिए दावा करने के वो अधिकारी नहीं होंगे। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को 23 नवंबर तक जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
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याचिका दाखिल करते हुए बलविंदर सिंह व अन्य की ओर से कहा गया कि उन्होंने सेक्टर 51 में हाउसिंग बोर्ड द्वारा लगाई गई बोली से अपने लिए घर खरीदा था। इसके लिए जो साइट प्लान मौजूद था, उसमें पार्क का स्थान भी दिखाया गया था। अब हाउसिंग बोर्ड ने इस स्थान पर पांच मंजिला इमारत बनाने का निर्णय ले लिया है। याची ने कहा कि पार्क शहर के रिहायशी स्थानों का अहम हिस्सा है और इसे देखकर ही उन्होंने इस जगह आवास खरीदने का निर्णय लिया था।
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याची ने कहा कि जब हाउसिंग बोर्ड से इस बारे में बात हुई तो उन्होंने कहा कि इसे किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। याची ने कहा कि जिस स्थान पर पार्क को शिफ़्ट करने की बात की जा रही है, वह नेशनल हाईवे पर आता है और ऐसे में यहां पार्क होना बच्चों की जान के लिए खतरा बन सकता है। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से अपील की कि 2001 और 2010 में जो ब्रोशर थे उन्हीं के अनुरूप स्थान रहे और पांच मंजिल के मकान बनाने की अनुमति न देने के साथ ही यह भी अपील की कि पार्क उसी स्थान पर बनाया जाए जहां पर उन्हें साइट प्लान में दिखाया गया था। हाईकोर्ट ने इस मामले में कड़ा रवैया अपनाते हुए हाऊसिंग बोर्ड, प्रशासन व अन्य को नोटिस जारी किया है। साथ ही हाईकोर्ट ने कहा कि यदि अब निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई और फैसला ठेकेदारों और प्रशासन के पक्ष में नहीं आता है तो उस स्थिति में नुकसान के लिए दावा करने के वो अधिकारी नहीं होंगे। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को 23 नवंबर तक जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
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