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ब्लैक आउट पर हाईकोर्ट ने कहा: चंडीगढ़ फिर से अंधेरे में न डूबे, इसकी योजना बनाकर सूचित करें
Thu, 04 Aug 2022 11:49 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 04 Aug 2022 11:49 PM IST
सार
22 फरवरी को पूरा दिन चंडीगढ़ में ब्लैक आउट हो गया था। हाईकोर्ट ने इस मामले को संज्ञान में लेकर सुनवाई की। गुरुवार को हाईकोर्ट ने कहा कि हमें भविष्य के लिए तैयार रहने की जरूरत है। ऐसे में प्रशासन अगली सुनवाई पर यह बताए कि इस प्रकार की आपातकालीन स्थिति के लिए प्रशासन के पास क्या योजना है।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिजली कर्मियों की हड़ताल के बाद चंडीगढ़ शहर में हुए ब्लैक आउट पर संज्ञान लेकर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अब प्रशासन को भविष्य में ऐसा न हो इसकी हिदायत दी है। साथ ही कहा कि इसके लिए योजना बनाकर कोर्ट को सूचित करें।
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शहर में हुए ब्लैक आउट का संज्ञान लेते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चीफ इंजीनियर को हाईकोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने तब याचिका पर सुनवाई आरंभ की और चंडीगढ़ प्रशासन से जवाब मांगा कि कब तक शहर में विद्युत आपूर्ति की समस्या को दूर कर दिया जाएगा। इसका जवाब देने के लिए प्रशासन ने 23 फरवरी को दोपहर तीन बजे तक की मोहलत मांगी। इस दौरान सीनियर एडवोकेट चेतन मित्तल ने कर्मचारी यूनियन के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा था कि इस प्रकार लोगों को परेशान करने के लिए कर्मचारी यूनियन जिम्मेदार है।
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हाईकोर्ट ने कहा था कि कर्मचारी यूनियन ने यूटी प्रशासन को 18 फरवरी को हड़ताल का नोटिस दिया था। इसके बाद 21 फरवरी की रात से शहर में अंधेरा छा गया। 22 फरवरी को पूरा दिन शहर में बिजली की आपूर्ति बाधित रही और शाम को जाकर प्रशासन को एस्मा लगाने की याद आई। यह काम दिन में भी किया जा सकता था, जिससे लोगों को मंगलवार की रात को ब्लैक आउट का सामना न करना पड़ता। गुरुवार को सुनवाई के लिए मामला पहुंचा तो कोर्ट ने कहा कि हमें भविष्य के लिए तैयार रहने की जरूरत है। ऐसे में प्रशासन अगली सुनवाई पर यह बताए कि इस प्रकार की आपातकालीन स्थिति के लिए प्रशासन के पास क्या योजना है।
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हाईकोर्ट की भी कर दी गई थी बत्ती गुल
इस मामले में कोर्ट मित्र नियुक्त सीनियर एडवोकेट चेतन मित्तल ने बताया कि हाईकोर्ट की भी लाइट कट गई थी। जब हाईकोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लिया तो कुछ ही देर बाद इसे सुचारू कर दिया गया। इसके अतिरिक्त यह भी बताया कि पूरा शहर अंधेरे में था लेकिन सेक्टर 28 रोशन था। ऐसा इस लिए था क्योंकि इस सेक्टर में बिजली कर्मियों के आवास हैं। इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने अब बिजल कर्मियों से जवाब तलब कर लिया है।