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Haryana: पुलिस हिरासत में युवक की मौत, हाईकोर्ट ने सीबीआई को सौंपी जांच, मंत्री की मौजूदगी में हुआ था समझौता

Wed, 13 Dec 2023 09:58 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 13 Dec 2023 09:58 PM IST
सार

याची ने बताया कि हरियाणा सरकार के एक मंत्री की उपस्थिति में मृतक की पत्नी के साथ पुलिस का समझौता करवाया गया और याची को वित्तीय लाभ भी प्रदान करने का आश्वासन भी दिया गया।

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High Court handed over the investigation of a youth death in custody to CBI
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जींद के युवक की हिरासत में मौत के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया है। इस मामले में एक मंत्री की मौजूदगी में मृतक की पत्नी और आरोपी पुलिसकर्मियों के बीच समझौता हुआ था। जींद के तत्कालीन एसपी पर भी गंभीर आरोप हैं जो समझौते में भी पक्षकार थे।

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जींद निवासी जयनारायण ने याचिका दाखिल करते हुए बताया कि उनके बेटे पप्पी पर 13 अप्रैल 2022 को जुलाना में एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया गया था और उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद पप्पी को बेरहमी से प्रताड़ित किया। इसके कारण उसे 17 अप्रैल 2022 को पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया और उसकी मृत्यु हो गई। याची ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला दिया और बताया कि उसके बेटे के शरीर पर गंभीर चोटें थी।
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याची ने बताया कि हरियाणा सरकार के एक मंत्री की उपस्थिति में मृतक की पत्नी के साथ पुलिस का समझौता करवाया गया और याची को वित्तीय लाभ भी प्रदान करने का आश्वासन भी दिया गया। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि उसे पता चला है कि समझौते के अनुसार अब तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है और न ही पुलिस द्वारा कोई जांच की गई है। 
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याची ने इस मामले में जांच के लिए एसआईटी का गठन करने की अपील की थी और निवेदन किया था कि इसका मुखिया वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को बनाया जाए क्योंकि एसपी समझौते में पक्ष हैं। याचिका पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट आरोपों की गंभीर प्रकृति पर विचार करने के बाद तत्कालीन डीजीपी पीके अग्रवाल से हलफनामा मांगा था।


अदालत ने मृतक के शरीर पर चोट के निशान से संबंधित विशिष्ट विवरण भी मांगा था। बुधवार को हाईकोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए जांच सीबीआई को देने का आदेश दिया। हालांकि अभी तक हाईकोर्ट के इस मामले में विस्तृत आदेश की कॉपी जारी नहीं हुई है।

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