{"_id":"5f74bb9c0eb2346f0f34bc3e","slug":"high-court-granted-bail-to-accused-with-a-unique-condition","type":"story","status":"publish","title_hn":"उच्च न्यायालय ने कहा- 10 पौधे लगाकर करो दो साल देखभाल, तभी रहेगी अग्रिम जमानत बहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उच्च न्यायालय ने कहा- 10 पौधे लगाकर करो दो साल देखभाल, तभी रहेगी अग्रिम जमानत बहाल
Wed, 30 Sep 2020 10:39 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 30 Sep 2020 10:39 PM IST
विज्ञापन
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
कोरोना के दौरान अपनी ड्यूटी निभाकर लोगों को घरों से बाहर निकलने से रोकने वाले पुलिस कर्मियों पर पत्थर बरसाने के लिए उकसाने के आरोपी को उच्च न्यायालय ने अनोखी शर्त के साथ जमानत दे दी है। शर्त के अनुसार उसकी अग्रिम जमानत तभी जारी रहेगी जब वह दस पौधे लगाकर दो वर्ष तक उनकी देखभाल करेगा।
विज्ञापन
याचिका दाखिल करते हुए धमेंद्र ने बताया कि एफआईआर के अनुसार 18 मई को सारंगपुर में लोग एकत्रित हुए थे। यह सभी उन्हें घर से बाहर जाने से रोकने का विरोध कर रहे थे। कोरोना संकट के चलते पुलिस ने उन्हें इसके लिए रोका था। इस दौरान पेट्रोलिंग करने वाली पुलिस पार्टी वहां पहुंची और याचिकाकर्ता व अन्य ने भीड़ को पुलिस पर पत्थरबाजी करने के लिए उकसाया।
विज्ञापन
इसके चलते कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे जिसके चलते हेड कांस्टेबल लखविंदर की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। याची ने कहा कि न तो उसका भीड़ से कुछ लेना देना था और न ही उसने किसी को उकसाया। वह मजदूरी कर परिवार पालने वाला व्यक्ति है और घटना की वीडियो बना रहा था जो पुलिस को पसंद नहीं आया और उसको इस मामले में फंसा दिया गया।
विज्ञापन
याची ने कहा कि वह जांच में शामिल हो चुका है और ऐसे में उसकी अंतरिम जमानत को अग्रिम जमानत के तौर पर मंजूरी दी जाए। उच्च न्यायालय ने याचिका का निपटारा करते हुए याची को अग्रिम जमानत का लाभ दे दिया है। साथ ही यह शर्त भी रखी है कि याची को दस पौधे लगाकर उनकी दो वर्ष तक देखरेख करनी होगी। ऐसा न होने की स्थिति में सारंगपुर थाने के एसएचओ उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर सकते हैं।