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पंजाब के फील्ड कर्मचारियों को झटका: हाईकोर्ट ने कहा-सभी सरकारी कर्मचारी पांच कार्य दिवस का दावा नहीं कर सकते

Thu, 08 Aug 2024 08:36 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो Updated Thu, 08 Aug 2024 08:36 PM IST
सार

1980 में पंजाब सरकार सप्ताह में पांच कार्य दिवस की नीति लेकर आई थी। इसके बाद सरहिंद की म्युनिसिपल एम्प्लॉई यूनियन ने शनिवार के काम का भुगतान करने की अपील की थी। हाईकोर्ट ने इसे माना था। इसके बाद विभिन्न विभागों से इस बाबत हाईकोर्ट में 511 याचिकाएं पहुंचीं थीं, जिन पर 423 पन्नों का विस्तृत आदेश आ गया है। 

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High court gives a jolt to field employees, claim for salary for Saturday work rejected
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब के विभिन्न विभागों, निकायों आदि में फील्ड वर्क करने वाले कर्मचारियों को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने झटका देते हुए उनके सप्ताह में पांच दिन के कार्यदिवस के दावे को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि सरकारी कर्मचारी ऐसा दावा तभी कर सकता है जब उसकी सेवा शर्तों में ये शामिल हो।

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हाईकोर्ट के समक्ष 511 याचिकाएं विचाराधीन थीं और इन सभी का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट ने 423 पन्नों का विस्तृत आदेश जारी किया है। विवाद तब से है जब 1980 में पंजाब सरकार सप्ताह में पांच कार्य दिवस की नीति लेकर आई थी। इसके बाद म्युनिसिपल एम्प्लॉई यूनियन सरहिंद ने याचिका दाखिल करते हुए शनिवार को कार्य करने के लिए भुगतान की अपील की थी। दलील यह थी कि ऑफिस ड्यूटी वाले कर्मियों को पांच दिन का कार्यदिवस दिया जा रहा है, जबकि फील्ड में काम करने वालों को 6 दिन का।

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511 याचिकाएं की गई थीं दायर

सुप्रीम कोर्ट ने माना था कि फील्ड व ऑफिस वर्क वाले कर्मियों की वरिष्ठता सूची एक है और इनकी ड्यूटी आपस में अक्सर बदली जाती है। ऐसे में हाईकोर्ट ने फील्ड कर्मियों को शनिवार के वेतन की रिकवरी का अधिकार दिया था। इस आदेश के बाद पंजाब के सभी विभागों के फील्ड कर्मियों ने इसी लाभ के लिए अदालत का रुख करना आरंभ कर दिया। हाईकोर्ट ने 511 याचिकाओं पर ग्रीष्म अवकाश से पहले अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

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सेवा शर्ताें को नजरअंदाज न करें

अब अपना फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि मोटे तौर पर ऐसा प्रतीत होता है कि सरहिंद मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की घोषणा के साथ ही पंजाब में विभिन्न विभागों में कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी ने यह मान लिया कि उन्हें सप्ताह में केवल 5 दिन ही ड्यूटी करनी है। ऐसा मानते समय सेवा की शर्तों और लागू नियमों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया। न्यायालय ने कहा कि ऐसा दावा तभी किया जा सकता है जब यह सेवा नियमों में शामिल हो। इसके अतिरिक्त यदि सुप्रीम कोर्ट के सरहिंद मामले में तय मानकों के अनुसार हो।



जज ने अपने स्टाफ का किया धन्यवाद

हाईकोर्ट ने कर्मचारियों पर छोड़ दिया है कि वे सरहिंद मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार समीक्षा करें और यदि उन्हें यह मानकों के अनुरूप लगता है तो सरकार को दावा करें। न्यायालय ने निर्देश दिया कि श्रम न्यायालय/औद्योगिक न्यायाधिकरण दावा आने पर अधिकतम एक वर्ष के भीतर निर्णय लें। अंत में जस्टिस संजय वशिष्ठ ने अपने समस्त न्यायालय स्टाफ और विधि शोधकर्ता को अवकाश में भी अथक परिश्रम करने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यदि मेरे समस्त न्यायालय स्टाफ की ओर से किए गए कार्य की सराहना नहीं की जाती है तो मैं अपने पवित्र कर्तव्य में असफल हो जाऊंगा।

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