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Highcourt: हर दिन बाढ़ की तरह आ रही प्रेमी जोड़ों की सुरक्षा याचिकाएं... तंत्र बनाएं पंजाब-हरियाणा, चंडीगढ़
Wed, 24 Jan 2024 09:32 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 24 Jan 2024 09:32 AM IST
सार
हाईकोर्ट ने कहा कि प्रेमी जोड़े घर से भागते हैं और विवाह के अगले ही दिन सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर देते है। यह बहुत गंभीर विषय है कि प्रेमी जोड़ों की सुरक्षा से जुड़ी याचिकाओं की हाईकोर्ट में बाढ़ सी लग गई है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रेमी जोड़ों की सुरक्षा को लेकर लगातार बढ़ती याचिकाओं पर चिंता व्यक्त की है।
हाईकोर्ट ने कहा कि बीते कुछ समय में ऐसी याचिकाओं की बाढ़ सी आ गई है। प्रतिदिन 80 से अधिक केस अदालत में पहुंच रहे हैं, ऐसे में इनको व्यवस्थित करने के लिए तंत्र विकसित करना जरूरी है। हाईकोर्ट ने हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ को इस मामले में अदालत का सहयोग करने का निवेदन किया है।
हाईकोर्ट के सामने पंचकूला के एक समलैंगिक प्रेमी जोड़े का केस पहुंचा था। इसमें एक लड़की ने बताया था कि उसकी प्रेमिका को उसके परिजनों ने बंधक बनाया हुआ है। वे उसका विवाह कहीं और करना चाहते हैं और यदि ऐसा हुआ तो वह अपनी जान दे देगी। इस मामले में हाईकोर्ट के समक्ष जो तथ्य आए उससे पता चला कि जिस लड़की को बंधक बनाने की बात कही गई थी, असल में वह नाबालिग है।
मंगलवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि यह बहुत गंभीर विषय है कि प्रेमी जोड़ों की सुरक्षा से जुड़ी याचिकाओं की हाईकोर्ट में बाढ़ सी लग गई है। अक्सर देखने में आता है कि प्रेमी जोड़े घर से भागते हैं और विवाह के अगले ही दिन सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर देते है। इस स्थिति से निपटने के लिए तंत्र विकसित करना जरूरी हो गया है। हरियाणा व पंजाब के एडवाकेट जनरल व यूटी के सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल अदालत की इस मामले में सहायता करें।
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हाईकोर्ट ने कहा कि बीते कुछ समय में ऐसी याचिकाओं की बाढ़ सी आ गई है। प्रतिदिन 80 से अधिक केस अदालत में पहुंच रहे हैं, ऐसे में इनको व्यवस्थित करने के लिए तंत्र विकसित करना जरूरी है। हाईकोर्ट ने हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ को इस मामले में अदालत का सहयोग करने का निवेदन किया है।
हाईकोर्ट के सामने पंचकूला के एक समलैंगिक प्रेमी जोड़े का केस पहुंचा था। इसमें एक लड़की ने बताया था कि उसकी प्रेमिका को उसके परिजनों ने बंधक बनाया हुआ है। वे उसका विवाह कहीं और करना चाहते हैं और यदि ऐसा हुआ तो वह अपनी जान दे देगी। इस मामले में हाईकोर्ट के समक्ष जो तथ्य आए उससे पता चला कि जिस लड़की को बंधक बनाने की बात कही गई थी, असल में वह नाबालिग है।
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मंगलवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि यह बहुत गंभीर विषय है कि प्रेमी जोड़ों की सुरक्षा से जुड़ी याचिकाओं की हाईकोर्ट में बाढ़ सी लग गई है। अक्सर देखने में आता है कि प्रेमी जोड़े घर से भागते हैं और विवाह के अगले ही दिन सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर देते है। इस स्थिति से निपटने के लिए तंत्र विकसित करना जरूरी हो गया है। हरियाणा व पंजाब के एडवाकेट जनरल व यूटी के सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल अदालत की इस मामले में सहायता करें।
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