फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   High Court cancel order of sending old man to jail for violation of probation

Chandigarh: प्रोबेशन के उल्लंघन पर बुजुर्ग को तीन साल की कैद को HC ने बताया अनुचित, 50 रुपये लगाया जुर्माना

Tue, 27 Feb 2024 08:10 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 27 Feb 2024 08:10 AM IST
सार

झज्जर निवासी रामेश्वर ने हाईकोर्ट को बताया था कि 16 मई 1995 में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले में उसे दोषी करार देकर तीन साल की सजा सुनाई गई थी। हाईकोर्ट ने कहा कि याची ने 11 माह प्रोबेशन को पूरा किया और उसकी कोई शिकायत नहींं थी। वर्तमान में याची 75 वर्ष का है और ऐसे में उसे प्रोबेशन के उल्लंघन के लिए जेल भेजना ठीक नहीं है।

विज्ञापन
High Court cancel order of sending old man to jail for violation of probation
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट चंडीगढ़ - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रोबेशन के उल्लंघन पर बुजुर्ग को 3 साल के लिए जेल भेजने के आदेश को अत्यधिक अनुचित करार देते हुए इसे रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने याची को जुर्माने के तौर पर 50 रुपये जमा करवाने का आदेश दिया है।
विज्ञापन


याचिका दाखिल करते हुए झज्जर निवासी रामेश्वर ने हाईकोर्ट को बताया था कि 16 मई 1995 में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले में उसे दोषी करार देकर तीन साल की सजा सुनाई गई थी। 
विज्ञापन


सजा के खिलाफ याची ने अपील की थी और सेशन कोर्ट ने अपील स्वीकार करते हुए उसे बरी कर दिया था। इसके बाद शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की और हाईकोर्ट ने मामला दोबारा ट्रायल कोर्ट को भेजते हुए निर्णय लेने का आदेश दिया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


2012 में ट्रायल कोर्ट ने याची को दोषी करार दिया था लेकिन तीन साल की सजा के स्थान पर एक साल प्रोबेशन तय किया था। इस अवधि में यदि उसके खिलाफ किसी अन्य अपराध में एफआईआर दर्ज होती तो उसे असल 3 साल की सजा पूरी करनी पड़ेगी। प्रोबेशन की अवधि पूरा होने में जब एक माह बाकी रहा तो याची के भाई ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी और प्रोबेशन रद्द करने की मांग की। अदालत ने 2019 में इसे मंजूर करते हुए उसे तीन साल के लिए जेल भेजने का आदेश दे दिया। इसके खिलाफ याची ने हाईकोर्ट की शरण ली। 


हाईकोर्ट ने कहा कि याची ने 11 माह प्रोबेशन को पूरा किया और उसकी कोई शिकायत नहींं थी। वर्तमान में याची 75 वर्ष का है और ऐसे में उसे प्रोबेशन के उल्लंघन के लिए जेल भेजना ठीक नहीं है। हाईकोर्ट ने याची ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए याची को प्रोबेशन के उल्लंघन पर 50 रुपये का जुर्माना लगाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed