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हाईकोर्ट ने पूछा, शिक्षक भर्ती में देरी क्यों?

Wed, 02 Jul 2014 02:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 02 Jul 2014 02:16 PM IST
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High Court asked why delay in teacher recruitment?

पंजाब के प्राइवेट एडेड कालेजों में दो दशक से 1925 शिक्षकों के खाली पड़े पदों पर भर्ती के मामले में हाईकोर्ट ने सख्ती बरतते हुए पूछा है कि भर्ती एक साल में क्यों नहीं की जा सकती। हाईकोर्ट ने यह सख्ती डीपीआई कालेज द्वारा दायर जवाब पर दिखाई। जवाब में कहा गया कि मंत्रिमंडल ने फैसला किया है कि हर वर्ष 25 प्रतिशत के हिसाब से चार वर्षों में भर्ती पूरी कर ली जाएगी। हाईकोर्ट ने अब शिक्षा सचिव को तलब किया है।

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बेंच ने कहा कि यह पद पिछले 10 सालों से अधिक समय से खाली पडे है और पंजाब सरकार इस मामले में जानबूझ कर लापरवाही कर रही है और हर बार नए नए बहाने बना रही है।
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बेंच ने सरकार को आखिरी मौका देते हुए जवाब मांगा है। पिछली सुनवाई पर सरकार ने कहा कि इस मामले में सरकार ने शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की है।
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उल्लेखनीय है कि प्राइवेट एडेड कालेजों में 1925 शिक्षकों के खाली पड़े पद भरने को लेकर सरकार ने पहले बेंच के समक्ष कहा था की इन पदों की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव वित्त विभाग के पास स्वीकृति के लिए भेजा गया है, बाद में कहा कि मामला पर्सोनल विभाग के पास भेजा गया है।


बेंच ने स्पष्ट किया है कि यदि अगली सुनवाई पर कोई ठोस जवाब नहीं आया तो सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना का मामला चलाया जा सकता है। खंडपीठ ने कहा की राज्य के कॉलेजों में जहां शिक्षकों की कमी है, वहीं सरकार कोई ठोस कार्रवाई करने की बजाय पूरी तरह लापरवाह बनी हुई है। इससे साफ है कि राज्य के प्राइवेट एडडे कॉलेजों में शिक्षकों की कमी के कारण लाखों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

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