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Haryana सरकार को हाईकोर्ट की फटकार, 'कोरोना से जान गंवाने वाले कितनों के आश्रितों को आर्थिक सहायता का इंतजार'
Sat, 19 Nov 2022 07:01 AM IST
भूपेंद्र सिंह
विवेक शर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
विवेक शर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 19 Nov 2022 07:01 AM IST
सार
आर्थिक सहायता के लिए एक वर्ष से भटक रही विधवा की याचिका पर हरियाणा सरकार से जानकारी मांगी गई है। 20 अप्रैल को याची के पति की कोरोना से मौत हो गई थी। सहायता को निवेदन दिसंबर में किया था।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
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विस्तार
कोरोना काल में जान गंवाने वालों के आश्रितों के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का प्रावधान होने के बावजूद एक वर्ष से इसकी प्रतिक्षा कर रही विधवा की याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने अब ऐसे सभी मामलों की जानकारी तलब कर ली है जिसमें अभी तक आर्थिक सहायता का भुगतान नहीं किया गया है।
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याचिका दाखिल करते हुए कैथल निवासी कमलेश ढ़ांडा ने एडवोकेट यामिनी नैन हाईकोर्ट को बताया कि कोरोना के समय में उसके पति 8 अप्रैल 2021 को पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद लगातार उनकी हालत बिगड़ती गई और उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती करवाया गया। 20 अप्रैल को वहां उनकी मौत हो गई।
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याची ने इसके बाद 10 दिसंबर 2021 को कोरोना से मरने वालों के आश्रितों के लिए बनाई गई नीति के तहत आर्थिक सहायता के लिए आवेदन कर दिया। यह आवेदन कैथल के जिला राजस्व अधिकारी ने खारिज कर दिया। इसके बाद याची ने दोबारा आवेदन किया तो डीआरओ ने मंजूर कर सीएमओ को भेज दिया, लेकिन सीएमओ ने इसे खारिज कर दिया।
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याची ने तीसरी बार आवेदन किया तो भी यही परिणाम रहा। याची ने इसके बाद लीगल नोटिस भेजा लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अब याची ने सहायता के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई है। हाईकोर्ट ने याची की मांग को लेकर तो हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा ही है साथ ही अतिरिक्त मुख्य सचिव से जानकारी मांगी है कि ऐसे कितने आश्रित हैं जिन्हें अभी तक आर्थिक सहायता का इंतजार है।