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Haryana: एचटीईटी प्रमाण-पत्रों की वैधता अवधि तय करने का सरकार को पूरा अधिकार, HC ने खारिज की याचिकाएं

Tue, 23 Jul 2024 09:17 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 23 Jul 2024 09:17 AM IST
सार

हाईकोर्ट में सरकार द्वारा जारी उस सार्वजनिक नोटिस को चुनौती दी गई थी जिसमें 2015 में जारी एचटीईटी प्रमाण-पत्रों की वैधता को सात वर्ष की अवधि से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया था। याचिका में कहा गया था कि नोटिस जारी करना सरकार के अधिकार क्षेत्र से बाहर है।

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High Court approved Haryana govt decision to extend validity of HTET beyond stipulated seven year
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटीईटी) की वैधता को तय सात वर्ष से आगे बढ़ाने के हरियाणा सरकार के निर्णय पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मोहर लगाते हुए इसे चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। 

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हाईकोर्ट ने कहा कि एचटीईटी प्रमाण-पत्रों की वैधता अवधि तय करने के लिए सरकार पूरी तरह सक्षम है। नीलम कौशिक व अन्य ने याचिका दाखिल करते हुए सरकार द्वारा जारी सार्वजनिक नोटिस को चुनौती दी थी जिसके तहत 2015 में जारी एचटीईटी प्रमाण-पत्रों की वैधता को सात वर्ष की अवधि से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया था। याची ने कहा था कि यह नोटिस सरकार ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर जारी किया है। राज्य सरकार ने टीजीटी की भर्ती में 2015 में जारी प्रमाणपत्र धारकों को शामिल होने की छूट देते हुए यह आदेश जारी किया था। 
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याचिका में बताया गया था कि एचटीईटी प्रमाण पत्र जो 2015 में जारी किए गए थे वे दिसंबर 2022 में समाप्त हो चुके हैं। इसके साथ ही याची ने कहा कि चयन प्रक्रिया आरंभ होने के बाद इस प्रकार की मंजूरी नहीं दी जा सकती है। हरियाणा सरकार ने इसके विरोध में दलील दी थी कि उम्मीदवारों को आ रही परेशानी के चलते सरकार ने यह निर्णय लिया था। तय प्रक्रिया के तहत ही निर्णय लिया गया था
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और यह सरकार के अधिकार क्षेत्र में था। 

सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार के फैसले से सहमति जताते हुए कहा कि यह तथ्य अहम है कि 2015 से लेकर 2022 के बीच राज्य में टीजीटी की कोई भर्ती नहीं निकली थी। यह उन उम्मीदवारों के हितों में वैध और न्यायोचित कारणों से किया गया है, जो अन्यथा अपने प्रमाण-पत्रों की पूरी वैधता अवधि के दौरान एक बार भी सार्वजनिक रोजगार के लिए आवेदन करने के अवसर से

वंचित रह जाते। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार एचटीईटी प्रमाण पत्रों की वैधता की अवधि तय करने में सरकार सक्षम हैं। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने सरकार के निर्णय को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया।

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