जानिए रेल बजट से इस राज्य को कितना हुआ फायदा, कहां लगी कमी
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हरियाणा को वर्ष 2017-18 के आम बजट के तहत रेल बजट में 1247 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात मिली है। इनमें प्रदेश में नई रेल लाइनें बिछाने, आरओबी, आरयूबी/सब-वे के निर्माण का सर्वे, लाइनों का विद्युतीकरण और यात्रियों को सुविधाएं प्रदान करने की परियोजनाएं शामिल हैं।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि बीते वर्ष की तुलना इस बजट में स्वीकृत परियोजनाओं की राशि दोगुनी है। वर्ष 2009-10 और वर्ष 2013-14 में यूपीए कार्यकाल के दौरान हरियाणा को औसतन 314.6 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की परियोजनाएं मिली थीं।
जबकि एनडीए सरकार के कार्यकाल के में वर्ष 2014-15 व वर्ष 2016-17 में 634.7 करोड़ रुपये की औसत लागत की परियोजनाएं दी गई, जो 102 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। वर्ष 2017-18 में पिछले वर्ष की औसत राशि की तुलना में यह राशि 100 प्रतिशत यानी 1247 करोड़ रुपये पहुंच गई है।
स्वीकृत परियोजनाओं में यमुनानगर-ज्योतिसर वाया कुरुक्षेत्र और रादौर (55 किमी) और कैथल-पटियाला (65 किमी) रेल लाइनों के दो सर्वेक्षण शामिल हैं। इन्हें 25 लाख रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा।
लुधियाना-जाखल सेक्शन पर गिल स्टेशन पर फ्रेट लाइन के साथ नई रेल लाइन लुधियाना-किला रायपुर (19 किमी) बिछाई जाएगी, इस पर 230.22 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पूंजी निवेश कार्यक्रम के तहत नई 45 किमी जींद-हांसी रेल लाइन स्वीकृत की गई है।
सरकार ने पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के बजट से की तुलना
इसे राज्य सरकार के सहयोग से 900 करोड़ रुपये की लागत से बिछाया जाएगा। नई रेल लाइन के नारनौंद विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से होकर गुजरने से क्षेत्र के अनेक गांव सीधे रेलवे से जुड़ जाएंगे।
इसके अलावा 633 एकड़ क्षेत्र में छह रेल लाइनों का विद्युतीकरण किया जाएगा। इसमें से 425 किमी क्षेत्र हरियाणा में पड़ता है। इसमें नरवाना-कुरुक्षेत्र, पानीपत-जींद, रोहतक-पानीपत, गढ़ी-हरसरू-फरूखनगर, रेवाड़ी-रोहतक और रेवाड़ी-सदलपुर-हनुमानगढ़ लाइनें शामिल हैं।
इस पर 511.52 करोड़ रुपये लागत आएगी। 42.82 करोड़ रुपये की लागत से यातायात सुविधाओं पर कार्य किया जाएगा। यूएमएम-केएलके सेक्शन पर चार मार्गी रेलवे ऊपरगामी पुल स्वीकृत किया गया है।
इसका निर्माण 71.86 करोड़ रुपये की लागत से होगा। इसमें 35.93 करोड़ रुपये हरियाणा का हिस्सा होगा। यात्री सुविधाओं के लिए बीते वर्ष की 47 करोड़ रुपये की तुलना इस वर्ष 65 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है।