World Oral Health Day: पीजीआई के अध्ययन में खुलासा, हर्बल स्मोकिंग उत्पाद बच्चों को बना सकते तंबाकू का शिकार
अध्ययन के प्रधान अन्वेषणकर्ता व दंत रोग विभाग के डॉ. अर्पित गुप्ता ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट भी ठीक हर्बल स्मोकिंग उत्पाद की ही तरह थी। उसके दुष्प्रभाव को देखते हुए ही सरकार ने रोक का आदेश दिया था। अब हर्बल स्मोकिंग उत्पाद को लेकर भी वैसी ही गंभीरता दिखानी होगी क्योंकि इसके खतरे से अनजान बच्चे और युवा इसका धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं।
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हर्बल स्मोकिंग उत्पाद बच्चों को तंबाकू का शिकार बना सकता है। इस पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो हर्बल स्मोकिंग उत्पाद इस्तेलाल करने वाला बच्चा चेन स्मोकर बन सकता है। यह खुलासा पीजीआई के दंत रोग विभाग के विशेषज्ञों की ओर से हर्बल स्मोकिंग उत्पाद पर किए गए एक अध्ययन में हुआ है।
अध्ययन में पाया गया है कि मौजूदा समय में ऑनलाइन और ऑफलाइन 24 तरह के ब्रांडेड हर्बल स्मोकिंग उत्पाद 189 फ्लेवर में उपलब्ध हैं। इसे खरीदने व बेचने का कोई भी कानूनी मानक तय नहीं है। यह उत्पाद 51 रुपये से लेकर 1830 रुपये में उपलब्ध है। विशेषज्ञों ने इस अध्ययन के माध्यम से यह सच्चाई सामने लाने का प्रयास किया है कि जिस हर्बल स्मोकिंग उत्पाद में तंबाकू न होने की बात बताई जा रही है उसमें तंबाकू के अलावा 3000 प्रकार के अन्य रसायन मौजूद होते हैं लेकिन उन रसायनों के दुष्प्रभाव के बारे में कहीं कोई बात नहीं की जा रही।
अध्ययन के प्रधान अन्वेषणकर्ता व दंत रोग विभाग के डॉ. अर्पित गुप्ता ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट भी ठीक हर्बल स्मोकिंग उत्पाद की ही तरह थी। उसके दुष्प्रभाव को देखते हुए ही सरकार ने रोक का आदेश दिया था। अब हर्बल स्मोकिंग उत्पाद को लेकर भी वैसी ही गंभीरता दिखानी होगी क्योंकि इसके खतरे से अनजान बच्चे और युवा इसका धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में हर्बल स्मोकर का चंद समय बाद चेन स्मोकर बनना तय है। हर्बल स्मोकिंग उत्पाद की उपलब्धता ज्यादा है, उस पर रोक की कोई व्यवस्था नहीं है इसलिए अध्ययन के माध्यम से इसके मौजूदा हालात को सामने लाने का प्रयास किया गया है। इस अध्ययन को टोबैको जर्नल अंतरराष्ट्रीय में प्रकाशित किया गया है।
मुंह की सफाई में अनदेखी से हो सकती है ये परेशानी
- सांसों की बदबू, मसूड़ों से खून आना, दांत/दांतों में सड़न या कैविटी, दांत दर्द, मुंह के छाले।
मुंह की सेहत के लिए इसका रखें ध्यान
- दिन में दो बार ब्रश करें, एक बार जागने के बाद और एक बार सोने से पहले ब्रश करने से मुंह में रहने वाले सभी जीवाणुओं को मारने में मदद मिलती है।
- जिस तरह ब्रश करना जरूरी है, उसी तरह जीभ की सफाई भी जरूरी है इसलिए टंग क्लीनर का इस्तेमाल जरूर करें।
- दांतों को सड़ने से बचाने के लिए हर बार खाना खाने के बाद गरारा जरूर करें। इससे सांसों की दुर्गंध को दूर रखने में मदद मिलती है।
- ऐसे टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें, जिसमें फ्लोराइड हो क्योंकि यह दांतों की सड़न को रोकने में मदद करता है।
- ब्रश करने के बाद रोजाना फ्लॉस करें। यह न केवल दांतों के गैप से छोटे खाद्य कणों को हटाने में मदद करता है बल्कि मसूड़ों को भी ताकत देता है और प्लाक को कम करता है।
इनका सेवन करने से बचें
कार्बोनेटेड ड्रिंक, कॉफी, कुकीज या कोई चीनी आधारित भोजन, शराब, खट्टी कैंडी, तंबाकू।
इस अध्ययन से एक बात तो साफ हो गई है कि स्कूल जाने वाले बच्चे हर्बल स्मोकिंग उत्पाद का धड़ल्ले से सेवन कर रहे हैं लेकिन चिंता की बात यह है कि उसके दुष्प्रभाव को लेकर किसी को जानकारी नहीं है। इस पर शोध करने की जरूरत है, ताकि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके अन्यथा ऐसे बच्चों के चेन स्मोकर बनते देर नहीं लगेगी। -डॉ. अर्पित गुप्ता, पीजीआई दंतरोग विभाग।