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वैज्ञानिकों ने तैयार किया डायबिटीज का हर्बल फार्मूला
जालंधर।
Updated Sun, 12 Oct 2014 10:21 PM IST
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लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के फार्मास्युटिकल साइंस स्कूल के वैज्ञानिकों के समूह ने मधुमेह (डायबिटीज) के उपचार के लिए हर्बल फार्मूला विकसित किया है। पॉलीपेप्टाइड के रूप में यह फार्मूला इंसुलिन की तरह काम करेगा। इसका सेवन इंजेक्शन की बजाए मुंह से किया जाएगा। पांच सालों से मधुमेह के आसान और सस्ते इलाज के लिए इस हर्बल ड्रग की नियमित रूप से खोज की गई है।
इस दवा का प्रयोग फिलहाल पशुओं पर किया जा रहा है। इसके तहत तीन पशुओं पर प्रयोग किया जाता है। इनमें से एक प्रयोग किया जा चुका है। पहले प्रयोग में वैज्ञानिकों को सफलता मिली है। इस फार्मूले पर डॉ. मोनिका गुलाटी और डॉ. सचिन कुमार सिंह ने वर्ष 2009 में एलपीयू में काम शुरू किया था। शोध का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को अतिरिक्त लाभ देना है जो इंसुलिन से किए जाने वाले इलाज का खर्च नहीं उठा सकते हैं।
इस संदर्भ में विज्ञान और प्रोद्योगिकी विभाग भारत सरकार ने एलपीयू टीम के सदस्यों को फास्ट ट्रैक अनुसंधान योजना के तहत 25 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। एलपीयू के वैज्ञानिकों कोे इस सफल शोध के लिए बधाई देते हुए एलपीयू के चांसलर अशोक मित्तल ने कहा कि डायबिटीज के उपचार के लिए हर्बल फार्मूला तैयार करने में प्राप्त हुई शानदार सफलता को देखकर वे खुश हैं।
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इस दवा का प्रयोग फिलहाल पशुओं पर किया जा रहा है। इसके तहत तीन पशुओं पर प्रयोग किया जाता है। इनमें से एक प्रयोग किया जा चुका है। पहले प्रयोग में वैज्ञानिकों को सफलता मिली है। इस फार्मूले पर डॉ. मोनिका गुलाटी और डॉ. सचिन कुमार सिंह ने वर्ष 2009 में एलपीयू में काम शुरू किया था। शोध का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को अतिरिक्त लाभ देना है जो इंसुलिन से किए जाने वाले इलाज का खर्च नहीं उठा सकते हैं।
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इस संदर्भ में विज्ञान और प्रोद्योगिकी विभाग भारत सरकार ने एलपीयू टीम के सदस्यों को फास्ट ट्रैक अनुसंधान योजना के तहत 25 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। एलपीयू के वैज्ञानिकों कोे इस सफल शोध के लिए बधाई देते हुए एलपीयू के चांसलर अशोक मित्तल ने कहा कि डायबिटीज के उपचार के लिए हर्बल फार्मूला तैयार करने में प्राप्त हुई शानदार सफलता को देखकर वे खुश हैं।
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