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बदलते मौसम ने बदल डाला चंडीगढ़ का मिजाज, 3 दशक में 3 डिग्री पारा बढ़ा

Tue, 06 Jun 2017 09:19 AM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 06 Jun 2017 09:19 AM IST
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Heat waves in Chandigarh, 3 degree temperature increased in 3 decades
Heat Wave - फोटो : File Photo
हर साल बदल रहे मौसम ने चंडीगढ़ के मिजाज को बदल दिया है। पिछले तीन दशक में चंडीगढ़ के न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज हुई, जबकि  अधिकतम तापमान में करीब दो डिग्री की। इसके विपरीत बारिश आधी रह गई है। इसका सबसे गंभीर असर सुखना झील पर पड़ा है। कम बारिश के कारण सूखना सूखने के कगार पर पहुंच गई है। वहीं जलवायु परिवर्तन से बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है। 
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ऐसे बढ़ रहा है तापमान
साल 1971 में चंडीगढ़ का औसत न्यूनतम तापमान 15.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। उसके बाद तापमान में बढ़ोतरी होती गई। साल 2000 में 17 डिग्री, 2010 में 18 डिग्री और साल 2016 में 18.9 डिग्री रिकार्ड हुआ। साल 2016 अब तक का सबसे गर्म साल दर्ज किया। इसी तर्ज पर अधिकतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। साल 2011 में औसत अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ, जबकि साल 2016 तापमान बढ़कर 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
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ऐसे कम होती जा रही बारिश
मौसम के बदलते तेवर के विपरीत चंडीगढ़ में बारिश कम होती जा रही है। पांच वर्षों में बारिश सिकुड़ कर आधी रह गई है। साल 2013 को चंडीगढ़ में कुल 911.3 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। साल 2014 में 852.4 एमएम, 2015 में 827 और साल 2016 में 605.8 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। ये हालात तब हैं, जब पिछले साल मानसून सामान्य था। इस साल भी सामान्य मानसून की संभावना व्यक्त की गई।
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ये पड़ रहा असर

Heat waves in Chandigarh, 3 degree temperature increased in 3 decades
झुलसाती गर्मी
ये पड़ रहा असर
सबसे ज्यादा असर चंडीगढ़ की लाइफ लाइन सुखना पर पड़ा है। इसके अलावा डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियां बढ़ी हैं। दरअसल कम बारिश से चंडीगढ़ में उमस की मात्रा बढ़ी है, जिससे मच्छरों को पनपने का मौका मिला और डेंगू और चिकनगुनिया के ग्राफ में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। साल 2014 को डेंगू के सिर्फ 13 केस थे, जबकि साल 2015 को 966 और 2016 को 900 केस। इसी तरह से चिकनगुनिया का आंकड़ा भी 100 के पार पहुंचा।

दरअसल चंडीगढ़ के आसपास के प्रदेशों में पेड़ों की जबरदस्त कटाई चल रही है। दूसरा ग्लोबल वार्मिंग का भी थोड़ा-बहुत असर पड़ा है। आने वाले दिनों में तो बारिश और कम होगी और तापमान बढ़ेगा। इसके लिए हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल को माइक्रोक्लाइमेट के लिए एक संयुक्त प्लान बनाना होगा। तभी इसका असर दिखाई पड़ेगा।
-डा. सतीश नरुला, पर्यावरणविद्, चंडीगढ़

जब बारिश कम होती है तो इसका सीधा डेंगू व मलेरिया जैसी बीमारियों से होता है। इसके अलावा उमस में बढ़ोतरी होती और एलर्जी भी बढ़ती है। 
-डा. गौरव अग्रवाल, नोडल आफिसर चंडीगढ़ स्टेट क्लाइमेट एंड हेल्थ कमेटी, चंडीगढ़

कब कितनी बारिश

Heat waves in Chandigarh, 3 degree temperature increased in 3 decades
Scorching Heat
कब कितनी बारिश
साल            कुल बारिश
2012          911.3
2013          1060.3
2014          852.4
2015          827.1
2016          605.8

साल             न्यूनतम तापमान               अधिकतम तापमान
1971             15.1                         29.9
1981              17.3                         30.3
1991              16.6                         31.0
2000              17.0                          29.3
2008              17.2                           30.0
2009               18.2                          30.8
2015              18.5                           29.8
2016               18.9                           31.1
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