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पूर्व वित्त मंत्री के घर आगजनी केस: CBI कोर्ट ने 57 आरोपियों से हटाई देशद्रोह, आर्म्स एक्ट की धाराएं
Thu, 06 Feb 2020 10:01 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला ( हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला ( हरियाणा)
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 06 Feb 2020 10:01 PM IST
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वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु का घर
- फोटो : फाइल फोटो
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जाट आंदोलन के दौरान हरियाणा के पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के घर आगजनी, डकैती और दंगे के मामले में बृहस्पितवार को सीबीआई की विशेष कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने पेशी पर पहुंचे मामले के 57 आरोपियों पर लगाई गई देशद्रोह और आर्म्स एक्ट की धाराएं हटा दी हैं। इससे पूर्व सीबीआई ने दर्ज मामले में आरोपियों पर देशद्रोह की धारा-124ए सहित आर्म्स एक्ट की धारा-25 और आईपीसी की अन्य धाराओं के तहत आरोप पत्र दायर किया था।
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देशद्रोह और आर्म्स एक्ट की धाराएं हटाने के बाद सीबीआई कोर्ट ने आरोपियों पर आईपीसी की धारा-120, बी, 148, 149, 186, 188, 307, 395, 427, 436, 450 व 151 के तहत आरोप तय किए हैं। सुनवाई के दौरान कोर्ट से गैरहाजिर रहे चार आरोपियों पर अगली सुनवाई के दौरान आरोप तय किए जाएंगे। कोर्ट ने मामले की आगामी सुनवाई के लिए 12 फरवरी की तिथि निर्धारित की है। हरियाणा के पूर्व वित्तमंत्री अभिमन्यु के रोहतक स्थित घर पर फरवरी 2016 में आगजनी, दंगे और डकैती के मामले में सीबीआई ने आरोप पत्र दाखिल किया था।
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ये हैं मामले के आरोपी
मामले के सभी आरोपियों में से मुख्य आरोपी अशोक बलहारा था। आरोपी अशोक अब अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति का राष्ट्रीय महासचिव है। इसके अलावा आरोपियों में विजयदीप, सुमित मलिक, राहुल हुड्डा, विजेंद्र, अरविंद गिल, भुवन सिंह, रक्षित और धीरज सहित अन्य शामिल हैं। गौरतलब है कि मामले की जांच के दौरान सीबीआई द्वारा करीब दो वर्ष तक सप्लीमेंटरी चार्जशीट पेश करने के आधार पर मामले में देरी होती गई।
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सीबीआई ने चालान में यह कहा
सीबीआई द्वारा कोर्ट में पेश किए चालान में कहा गया है कि 19 व 20 फरवरी 2016 को जाट आंदोलन के दौरान कुछ उपद्रवियों ने कैप्टन अभिमन्यु के घर पर हमला किया था। आरोपियों के खिलाफ उनके घर में तोड़फोड़ करने सहित आपराधिक षड्यंत्र, दंगा, सरकारी कर्मियों के कार्य में बाधा डालने, आदेश का अपमान, राजद्रोह, हत्या का प्रयास, डकैती और हमले आदि से संबंधित केस दर्ज किया था।
पूर्व वित्त मंत्री के परिवार को उन पर जानलेवा हमले, आगजनी व आपराधिक षड्यंत्र के कारण जान बचाकर भागना पड़ा था। आरोप है कि हत्या का प्रयास भी किया गया था। उपद्रवियों ने पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन के घर लूटपाट के बाद आग लगाई थी। वारदात के समय उनके घर पर पांच पुलिसकर्मी सुरक्षा के मद्देनजर तैनात थे।