मिसकैरी के बाद भी हो सकती है हेल्दी प्रेगनेंसी, जानिए कैसे?
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ट्राइसिटी में 15 से 20 फीसदी प्रेगनेंसी समय से पहले ही मिसकैरी (गर्भपात) में बदल जाती हैं। गर्भपात के ज्यादा केस गर्भधारण के शुरुआती महीनों में ही सामने आते हैं। कई बार महिलाओं को भी पता भी नहीं चलता कि वे गर्भवती थीं।
ऐसी ही समस्याओं पर चर्चा के लिए सेक्टर-8 में पंचकूला लेडिज क्लब के लिए मैक्स सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल की तरफ से सेमिनार आयोजित किया गया और डॉ. सीमा वाधवा सीनियर कंसल्टेंट ऑबस्ट्रेटिक्स एंड गायनाकालोजी ने क्लब की सदस्यों को जागरूक किया।
मिसकैरी होने के बाद भी गर्भवती
डॉ. वाधवा ने कहा कि महिलाओं के पांच में से चार गर्भपात ऐसे समय होते हैं, जब महिलाओं को गर्भवती होने की जानकारी भी नहीं होती। कई बार मासिक धर्म का चक्र टूटने से पहले ही गर्भपात हो जाता है। गर्भपात अक्सर एक-दो बार ही होता है, लेकिन मिसकैरी होने के बाद भी महिलाएं गर्भवती हो सकती हैं।
विशेष टेस्ट से पता चलता है
उन्होंने बताया कि बॉयोप्सी और क्रोमोजोम जैसे कुछ ऐसे विशेष टेस्ट हैं, जो गर्भवती होने से पहले और गर्भपात के बाद किए जा सकते हैं। गर्भवती होने के बाद हासिल टिश्यूज पर या मां-बाप के खून से यह टेस्ट किया जा सकता है। ब्लड टेस्ट, अल्ट्रासाउंड, हिस्ट्रोस्कोपी, लैप्रोस्कोपी या हाइस्टीरियोसालपिंजोग्राफी आदि से भी गर्भाषय, ओवरीज या फिलोपियन ट्यूब्स में किसी भी असामान्यता का पता लगाया जा सकता है।
स्वस्थ गर्भधारण के टिप्स
- नियमित प्रीनटाल विटामिन या फॉलिक एसिड सप्लीमेंट लेना
- स्वस्थ वजन बनाए रखें और नियमित आधार पर शारीरिक गतिविधियां करें
- स्वस्थ व संतुलित खुराक लें, कैफीन को सीमित करें
- तनाव, शराब और धूम्रपान से बचें
- शुगर नियंत्रण, थायराइड और बीपी को नियंत्रित करें