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नहीं चलेगी मनमानी.. 500 रुपये प्रति घंटे ऑक्सीजन देने वाले अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग करेगा कार्रवाई

Sun, 16 May 2021 12:43 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 16 May 2021 12:43 AM IST
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Healthcare will not work .. Health Department will take action on hospitals giving oxygen at 500 rupees per hour
चंडीगढ़। निजी अस्पतालों के लिए कोरोना के मरीजों के इलाज का शुल्क तय होने के बावजूद अस्पतालों में मनमाने पैसे वसूले जा रहे हैं, जिस पर स्वास्थ्य विभाग नकेल कसने की तैयारी में है। स्वास्थ्य विभाग की जांच कमेटी ने अपनी जांच में कुछ ऐसे अस्पतालों का पर्दाफाश किया है, जो मरीज से तय शुल्क से कई गुना ज्यादा पैसे वसूल रहे है। यही नहीं मानक को दरकिनार कर 300 रुपये के ऑक्सीजन सिलेंडर से 500 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से ऑक्सीजन मुहैया करवा रहे हैं। अब स्वास्थ्य विभाग ऐसे अस्पतालों पर कार्रवाई की तैयारी में है। कार्रवाई की प्रक्रिया में स्वास्थ्य विभाग सबसे पहले मरीजों से वसूले गए ज्यादा पैसे वापस कराएगा। उसके बाद प्रशासन के निर्देश पर उन अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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इन्हें किसी का डर नहीं
जांच रिपोर्ट के अनुसार, सेक्टर-8 स्थित निजी अस्पताल में कोरोना के मरीजों से 20000 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से वसूले जा रहे हैं। इसमें दवा और जांच का शुल्क अलग से लिया जा रहा है। इसके अलावा सेक्टर-19 के अस्पताल में मरीज को 500 रुपये प्रतिघंटे के हिसाब से ऑक्सीजन दी जा रही है। वहीं इंडस्ट्रियल एरिया फेज वन के निजी अस्पताल में रेमडेसिविर इंजेक्शन कई गुना ज्यादा कीमत पर मरीज को लगाया जा रहा है जबकि स्वास्थ्य विभाग से वह अस्पताल सरकारी दर पर इंजेक्शन प्राप्त कर रहा है। जांच कमेटी ने तीनों अस्पतालों के मरीजों का बिल रिपोर्ट में सबूत के तौर पर दिया है।
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कमेटी को नहीं दे रहे जानकारी
जानकारी के अनुसार, कोरोना के मरीजों का इलाज कर रहे हैं निजी अस्पताल जांच कमेटी को बिल व जांच संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने में आनाकानी कर रहे हैं। इसके कारण कमेटी के सदस्यों को जांच में काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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निजी अस्पताल के लिए निर्धारित शुल्क
--------------------------------- सामान्य मरीज से प्रतिदिन चार्ज : जो मरीज कम लक्षण के साथ हॉस्पिटल आते हैं। हल्के बीमार हैं, उन्हें अगर एक दिन के लिए दाखिल करना होता है तो उनसे एनएबीएच एक्रीडेटेड हॉस्पिटल प्रतिदिन 5500 और नॉन एनएबीएच 4500 चार्ज कर सकते हैं।
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हॉस्पिटल में लंबे समय तक दाखिल रहने पर
सामान्य मरीज : एक सामान्य मरीज जिसे निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया है। मरीज को आइसोलेशन बेड, सपोर्टिव केयर और ऑक्सीजन की जरूरत है। उससे एनएबीएच एक्रीडेटेड हॉस्पिटल नौ हजार रुपये से ज्यादा नहीं लेगा। इसमें 1200 रुपये की पीपीई भी शामिल रहेगी। वहीं जो हॉस्पिटल एनएबीएच से एक्रीडेटेड नहीं है, उससे आठ हजार रुपये लिए जा सकते हैं। इसमें भी पीपीई शामिल रहेगी।
गंभीर मरीज : वह मरीज जो आईसीयू में है लेकिन वेंटिलेटर की जरूरत नहीं है। उससे एनएबीएच एक्रीडेटेड हॉस्पिटल 14 हजार जिसमें 2000 पीपीई के शामिल रहेंगे। वहीं नॉन एनएबीएच एक्रीडेटेड 13 हजार रुपये ले सकते हैं। इसमें दो हजार रुपये पीपीई के भी शामिल होगा।
अत्यंत गंभीर मरीज : ऐसे मरीज जो आईसीयू में हैं और वेंटिलेटर केयर की जरूरत भी है, उनसे एनएबीएच एक्रीडेटेड हॉस्पिटल 16500 रुपये चार्ज कर सकते हैं। इसमें दो हजार रुपये पीपीई के लिए शामिल रहेंगे जबकि नॉन एनएबीएच एक्रीडेटेड हॉस्पिटल 15 हजार रुपये चार्ज करेंगे। इसमें भी दो हजार पीपीई के लिए शामिल रहेंगे। अलग से वसूल नहीं कर सकते।

कोट
प्रशासन के निर्देश के बावजूद कोरोना के मरीजों से तय शुल्क से ज्यादा शुल्क लेने वाले अस्पतालों की जांच कर रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। सबसे पहले मरीजों से वसूले गए ज्यादा पैसे वापस कराए जाएंगे। उसके बाद प्रशासन के निर्देशानुसार उन पर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. अमनदीप कंग, स्वास्थ्य निदेशक
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