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'मासिक धर्म शुरू न हो तो स्त्री रोग विशेषज्ञ की सलाह लें'
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 05 Jan 2014 02:29 PM IST
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फोर्टिस अस्पताल मोहाली की ओर से पंजाब विश्वविद्यालय में एक हेल्थ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समारोह में सौ से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
फोर्टिस अस्पताल की ऑबस्टेट्रिक्स एंड गाइनकोलॉजी विभाग में सीनियर कंसलटेंट डॉ. स्वप्ना मिश्रा और डॉ. सोनिया गांधी (डाइटिशियन) ने लड़कियों को उनके स्वास्थ्य सुधार में उपयोगी टिप्स दिए।
डॉ. स्वप्ना मिश्रा ने बताया कि मासिक धर्म की शुरुआत आमतौर पर लड़कियों में 11-12 साल से शुरू हो जाती है। इसके नियमित होने में कुछ साल का वक्त लगता है।
यदि ऐसा न हो पाए तो स्त्री रोग विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। जल्द शुरुआत के कई कारण होते हैं। इनमें सबसे अहम वजन बढ़ाना, तनावपूर्ण हालात, हारमोंस संबंधी, विटामिन डी की कमी सहित कई कारण हो सकते हैं।
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उन्होंने बताया कि 20-25 साल में पाया गया कि लाइफस्टाइल में आए बदलावों के कारण इसके चक्र में ऐसा देखा जा रहा है।
माहवारी की जल्द शुरुआत से दिल संबंधी बीमारियों, ऑस्टियोपॉरिसेस और जल्द मिनोपॉज जैसे जोखिमों का खतरा रहता है। उन्होंने सलाह दी कि युवतियों को कसरत, स्वास्थ्यवर्धक खानपान और मेडिटेशन करना चाहिए।
डा. सोनिया गांधी ने इस मौके पर डायटरी मॉडिफिकेशन के बारें में बताते हुए उन्हें हर रोज के खानपान को ज्यादा स्वादिष्ट बनाने के गुर भी लड़कियों को दिए।
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फोर्टिस अस्पताल की ऑबस्टेट्रिक्स एंड गाइनकोलॉजी विभाग में सीनियर कंसलटेंट डॉ. स्वप्ना मिश्रा और डॉ. सोनिया गांधी (डाइटिशियन) ने लड़कियों को उनके स्वास्थ्य सुधार में उपयोगी टिप्स दिए।
डॉ. स्वप्ना मिश्रा ने बताया कि मासिक धर्म की शुरुआत आमतौर पर लड़कियों में 11-12 साल से शुरू हो जाती है। इसके नियमित होने में कुछ साल का वक्त लगता है।
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यदि ऐसा न हो पाए तो स्त्री रोग विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। जल्द शुरुआत के कई कारण होते हैं। इनमें सबसे अहम वजन बढ़ाना, तनावपूर्ण हालात, हारमोंस संबंधी, विटामिन डी की कमी सहित कई कारण हो सकते हैं।
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उन्होंने बताया कि 20-25 साल में पाया गया कि लाइफस्टाइल में आए बदलावों के कारण इसके चक्र में ऐसा देखा जा रहा है।
माहवारी की जल्द शुरुआत से दिल संबंधी बीमारियों, ऑस्टियोपॉरिसेस और जल्द मिनोपॉज जैसे जोखिमों का खतरा रहता है। उन्होंने सलाह दी कि युवतियों को कसरत, स्वास्थ्यवर्धक खानपान और मेडिटेशन करना चाहिए।
डा. सोनिया गांधी ने इस मौके पर डायटरी मॉडिफिकेशन के बारें में बताते हुए उन्हें हर रोज के खानपान को ज्यादा स्वादिष्ट बनाने के गुर भी लड़कियों को दिए।