Punjab News: मेरिटोरियस स्कूल में फूड पॉइजनिंग से 74 छात्राएं बीमार; मेस ठेकेदार गिरफ्तार, प्रिंसिपल निलंबित
डीसी जतिंदर जोरवाल ने बताया कि एसडीएम चरणजोत सिंह वालिया के नेतृत्व में चार सदस्यों वाली कमेटी का गठन किया गया है, जो एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी। इस कमेटी में तहसीलदार, जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी और एसएमओ को भी शामिल किया गया है।
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पंजाब के संगरूर जिले के घाबदां के सरकारी मेरिटोरियस स्कूल के हॉस्टल की मेस में खाना खाने के बाद 74 छात्राएं फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गईं। हालत बिगड़ने पर उन्हें सिविल अस्पताल व घाबदां के पीजीआई सैटेलाइट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सभी की हालत स्थिर है। वहीं, इस मामले में विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मेस के ठेकेदार को धारा 307 (ऐसा कृत्य जिससे किसी की जान जाने की आशंका हो) में नामजद करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही लापरवाही बरतने पर प्रिंसिपल मनीष कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
वहीं, डीसी जतिंदर जोरवाल ने बताया कि एसडीएम चरणजोत सिंह वालिया के नेतृत्व में चार सदस्यों वाली कमेटी का गठन किया गया है, जो एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी। इस कमेटी में तहसीलदार, जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी और एसएमओ को भी शामिल किया गया है। वहीं, स्कूल में दो डॉक्टर, 14 पैरा-मेडिकल स्टाफ और 2 एंबुलेंस को तैनात किया है। घाबदां मेरिटोरियस स्कूल में मेस ठेकेदार का अनुबंध तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात खाना खाने के बाद 18 बच्चियों की हालत बिगड़ने लगी थी। पेट दर्द की शिकायत पर उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहीं, शनिवार सुबह 36 और छात्राओं को सिविल अस्पताल और 20 छात्राओं को घाबदां के पीजीआई सैटेलाइट सेंटर में भर्ती कराया गया।
बच्चों ने की थी घटिया खाने की शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई
उपचाराधीन बच्चों ने बताया कि उन्हें स्कूल में तीन टाइम खाना दिया जाता है। कुछ दिनों से खराब गुणवत्ता वाला खाना दिया जा रहा था, जिसकी शिकायत भी की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। शुक्रवार रात को खाना खाने के बाद ही तबीयत खराब होने लगी थी। इसके बाद 18 बच्चियों को अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद शनिवार सुबह 56 और छात्राओं हालत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इमरजेंसी वॉर्ड में तैनात डॉक्टरों की टीम ने तुरंत बच्चों का उपचार शुरू कर दिया, जिससे उनकी हालत अब स्थिर है। शनिवार शाम तक दो छात्राओं को छोड़कर शेष 72 को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।
अभिभावकों में दिखा रोष
सूचना मिलते ही विधायक नरिंदर कौर भराज ने पहले मेरिटोरियस स्कूल का दौरा किया और फिर सिविल अस्पताल में बच्चियों की हालत की जानकारी ली। विधायक ने कहा कि इस मामले में कोताही बरतने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। वहीं बच्चों की हालत देखकर अभिभावकों में काफी रोष है। उन्होंने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है।
सूचना मिलते ही मेडिकल विभाग की टीमें स्कूल पहुंच गईं और बच्चों को अस्पताल लाया गया। खराब खाना खाने के कारण ही बच्चों की तबीयत खराब हुई है। विभाग की टीम ने खाने के सैंपल ले लिए हैं। - डॉ. अंजू सिंगला, सिविल सर्जन।
अब हर माह भरवाए जाएंगे फीडबैक फॉर्म
छात्राओं का हालचाल पूछने सिविल अस्पताल पहुंचे शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हर माह सभी मेरिटोरियस स्कूलों के छात्रों से फीडबैक फॉर्म भरवाए जाएंगे। लापरवाही मिलने पर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसका फॉर्म स्कूलों को भेज दिया गया है। वहीं, प्रदेश के अन्य नौ मेरिटोरियस स्कूलों में खाद्य पदार्थों के सैंपल शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने लिए हैं।