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चंडीगढ़: स्वास्थ्य विभाग ने ब्लैक फंगस को महामारी घोषित किया, इन मरीजों को सचेत रहने की जरूरत
Thu, 20 May 2021 11:51 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 20 May 2021 11:51 PM IST
सार
चंडीगढ़ में स्वास्थ्य विभाग ने ब्लैक फंगस को महामारी घोषित कर दिया है। ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों की वजह से विभाग ने यह फैसला लिया। स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमरदीप कंग ने कहा कि मधुमेह से पीड़ित कोरोना संक्रमितों को अधिक सचेत रहने की जरूरत है।
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ब्लैक फंगस (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंडीगढ़ में स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को ब्लैक फंगस को महामारी घोषित कर दिया। तेजी से बढ़ते ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमरदीप कंग ने बताया कि महामारी घोषित हो जाने के बाद इस बीमारी को इनटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोजेक्ट (आईडीएसपी) में शामिल कर लिया गया है ।
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अब आईडीएसपी की टीम इसके मरीजों की लाइन लिस्टिंग शुरू कर देगी। इससे पता चलेगा कि पीजीआई समेत शहर के अन्य अस्पतालों में भर्ती ब्लैक फंगस के मरीजों में चंडीगढ़ व अन्य जगहों के कितने मरीज शामिल हैं।
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इस समय पीजीआई में 16 और जीएमसीएच-32 में सात ब्लैक फंगस के मरीज भर्ती हैं। डॉ. कंग ने बताया कि लगातार इस मर्ज के मरीजों पर नजर रखी जाएगी। इसके साथ ही इलाज में उपयोग होने वाले इंजेक्शन व दवाइयों की आपूर्ति भी सुनिश्चित होगी। जहां तक इलाज में प्रयोग होने वाले इंजेक्शन की कमी की बात है तो उसे दूर करने के लिए शुक्रवार को संबंधित कंपनी को ऑर्डर रिप्लेस किया जाएगा। पहले क्रम में 5000 इंजेक्शन का ऑर्डर भेजा जाएगा जिससे अस्पतालों में भर्ती मरीजों व उनके तीमारदारों को इसके लिए यहां-वहां भटकना न पड़े।
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डॉ.कंग ने कहा कि कोरोना संक्रमित मधुमेह ग्रस्त मरीजों को ज्यादा सचेत रहने की जरूरत है। क्योंकि यह बीमारी काफी तेजी से उन्हें अपना शिकार बनाती है। ऐसे में अगर उन्हें आंख, नाक या चेहरे के किसी भी हिस्से में कोई बदलाव नजर आए तो वे तत्काल इसकी सूचना डॉक्टर को दें, ताकि समय रहते इसका इलाज शुरू किया जा सके।