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हरियाणाः महिला कर्मी से छेड़छाड़ मामले में एचसीएस रीगन कुमार सस्पेंड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 27 Jul 2018 09:57 AM IST
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फाइल फोटो
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हरियाणा कैडर के एचसीएस अधिकारी को महिला कर्मचारी से छेड़छाड़ मामले में सरकार ने सस्पेंड कर दिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उत्कर्ष मामले में हुई प्रशासनिक जांच के बाद एचसीएस अधिकारी के निलंबन आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जैन ने बताया कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर रीगन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
शिक्षा निदेशालय की सात सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने यह कार्रवाई अमल में लाई है। कमेटी ने चेयरपर्सन किरण मयी की अध्यक्षता में मामले की गहनता से जांच कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। उन्होंने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सीसीटीवी फुटेज खंगालकर सभी साक्ष्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है। जिसमें रीगन कुमार पर उत्कर्ष सोसायटी की कर्मचारी के साथ कार्यालय में छेड़छाड़ के आरोप सही पाए गए हैं। सरकार ने सर्विस रूल्स में निहित प्रावधानों के अनुसार एचसीएस को सस्पेंड किया है।
बता दें कि रीगन कुमार ने बीते 29 मई को उत्कर्ष सोसायटी की कर्मचारी के साथ कार्यालय में छेड़छाड़ की थी। रीगन उत्कर्ष सोसायटी में बतौर सीईओ तैनात थे। छेड़छाड़ के मामले ने काफी तूल पकड़ा था। यहां तक कि पीड़िता के परिजनों ने एचसीएस अधिकारी की पिटाई भी कर दी थी। एचसीएस पर युवती का पीछा करने के भी आरोप हैं। जांच कमेटी के सामने पीड़िता, उसके भाई और उत्कर्ष सोसायटी में काम करने वाले 20 से ज्यादा कर्मचारियों ने अपने बयान दर्ज कराए हैं।
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सभी ने बयानों में पीड़िता के साथ एचसीएस के जबरदस्ती करने की बात कही थी। कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में लिखा है कि आरोपी रीगन कुमार ने अपना पक्ष रखने के लिए तीन बार आनाकानी की, जबकि चौथी बार हाजिर हुए। उन्होंने तीन बार न आने को लेकर गुमराह किया, जिसकी पोल उत्कर्ष सोसायटी के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज ने खोल दी। सरकार ने कमेटी की रिपोर्ट में शामिल साक्ष्यों को आधार मानते हुए ही कार्रवाई की है।
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शिक्षा निदेशालय की सात सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने यह कार्रवाई अमल में लाई है। कमेटी ने चेयरपर्सन किरण मयी की अध्यक्षता में मामले की गहनता से जांच कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। उन्होंने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सीसीटीवी फुटेज खंगालकर सभी साक्ष्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है। जिसमें रीगन कुमार पर उत्कर्ष सोसायटी की कर्मचारी के साथ कार्यालय में छेड़छाड़ के आरोप सही पाए गए हैं। सरकार ने सर्विस रूल्स में निहित प्रावधानों के अनुसार एचसीएस को सस्पेंड किया है।
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बता दें कि रीगन कुमार ने बीते 29 मई को उत्कर्ष सोसायटी की कर्मचारी के साथ कार्यालय में छेड़छाड़ की थी। रीगन उत्कर्ष सोसायटी में बतौर सीईओ तैनात थे। छेड़छाड़ के मामले ने काफी तूल पकड़ा था। यहां तक कि पीड़िता के परिजनों ने एचसीएस अधिकारी की पिटाई भी कर दी थी। एचसीएस पर युवती का पीछा करने के भी आरोप हैं। जांच कमेटी के सामने पीड़िता, उसके भाई और उत्कर्ष सोसायटी में काम करने वाले 20 से ज्यादा कर्मचारियों ने अपने बयान दर्ज कराए हैं।
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सभी ने बयानों में पीड़िता के साथ एचसीएस के जबरदस्ती करने की बात कही थी। कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में लिखा है कि आरोपी रीगन कुमार ने अपना पक्ष रखने के लिए तीन बार आनाकानी की, जबकि चौथी बार हाजिर हुए। उन्होंने तीन बार न आने को लेकर गुमराह किया, जिसकी पोल उत्कर्ष सोसायटी के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज ने खोल दी। सरकार ने कमेटी की रिपोर्ट में शामिल साक्ष्यों को आधार मानते हुए ही कार्रवाई की है।