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Chandigarh: हाईकोर्ट ने कहा- प्रदर्शन समाप्त कराने के बजाय कोर्ट की आंखों में धूल झोंकने का हो रहा प्रयास
Sat, 20 May 2023 12:20 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Sat, 20 May 2023 12:20 AM IST
सार
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकार के जवाब पर असंतोष जताया और कहा कि अब अगली सुनवाई पर डीजीपी को खुद हाजिर होकर बताना होगा कि आदेश का पालन क्यों नहीं हुआ और आंदोलन को कब तक और कैसे समाप्त करवाया जाएगा?
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Punjab News
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कौमी इंसाफ मोर्चा के प्रदर्शन को समाप्त कराने के लिए उठाए गए कदमों को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अदालत की आंखों के धूल झोंकने का प्रयास करार देते हुए फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि सरकार को बाधित की गई सड़क को खाली कराने के लिए कहा था लेकिन सरकार व पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी को नहीं समझा। कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि यह न्यायालय के उदार दृष्टिकोण का नतीजा है। कोर्ट ने अब डीजीपी को हाजिर होकर इस मामले में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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याचिका दाखिल करते हुए अराइव सेफ सोसाइटी चंडीगढ़ ने बताया था कि सिख बंदियों की रिहाई के लिए कौमी इंसाफ मोर्चा ने चंडीगढ़-मोहाली मार्ग को बाधित किया है। सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से मोहाली के एसएसपी का हलफनामा पेश किया गया। इसे देखने के बाद कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि अपनी जिम्मेदारी को समझे बिना कोर्ट की आंखों में धूल झोंकी जा रही है।
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आंदोलनकारियों द्वारा बाधित की गई सड़क को खाली कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता थी जो नहीं किया गया। कोर्ट ने कहा कि इस प्रकार की निष्क्रियता इस न्यायालय के उदार दृष्टिकोण के कारण प्रतीत होती है। कोर्ट के कड़े रुख के बाद पंजाब सरकार ने कोर्ट को विश्वास दिलाया कि अगली सुनवाई तक ठोस कदम उठाते हुए इस दिशा में हुई प्रगति के बारे में कोर्ट को सूचित कर दिया जाएगा।
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कोर्ट ने सरकार के इस जवाब पर असंतोष जताते हुए कहा कि अब अगली सुनवाई पर डीजीपी को खुद हाजिर होकर बताना होगा कि आदेश का पालन क्यों नहीं हुआ और आंदोलन को कब तक और कैसे समाप्त करवाया जाएगा।