{"_id":"6057fa7dd3e0de22a23eac51","slug":"havoc-of-corona-in-ludhiana-with-8-more-deaths","type":"story","status":"publish","title_hn":"लुधियाना में कोरोना का कहर : आठ की मौत से आंकड़ा पहुंचा 1083, रात्रि कर्फ्यू से पसरा सन्नाटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लुधियाना में कोरोना का कहर : आठ की मौत से आंकड़ा पहुंचा 1083, रात्रि कर्फ्यू से पसरा सन्नाटा
Mon, 22 Mar 2021 07:31 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 22 Mar 2021 07:31 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
लुधियाना में कोरोना के 330 नए मामले सामने आए हैं। रविवार को आठ लोगों की इस वजह से जान भी चली गई। अब तक लुधियाना में 1083 लोगों की कोरोना की वजह से जान जा चुकी है। जानकारी के अनुसार जिले में अब तक 27,696 लोगों ने कोरोना को मात दी है और 1946 केस अभी सक्रिय हैं। कल जितने लोगों की जान गई उन सबकी उम्र 50 साल से अधिक रही है।
विज्ञापन
लुधियाना में सरकारी आदेश के अनुसार, रविवार को शहर के मल्टीप्लेक्स, शापिंग माल्स और सिनेमा घरों के साथ-साथ रेस्तरां भी बंद रहे। जिस कारण शहर में सन्नाटा छाया रहा। माल प्रबंधन ने बैरिकेडिंग कर एंट्री प्वाइंट बंद कर दिए। शहर में सिल्वर आर्क मॉल, अंसल प्लाजा, वेवस माल एवं एमबीडी माल इत्यादि में शापिंग एवं मनोरंजन गतिविधियां बंद रहीं। शहर के प्रमुख बाजारों में कामकाज सामान्य रहा। सराभा नगर स्थित किप्स मार्केट, घुमारमंडी इत्यादि में दुकानें खुली रहीं। रविवार के कारण वैसे भी सड़कों पर ट्रैफिक सामान्य से आधा रहा।
विज्ञापन
रेस्तरां वालों के बाहर खाना पैकिंग करवाने वालों की रौनक कुछ देखने को मिली, लेकिन रेस्तरां मालिक भी पूरी तरह से खुश नहीं थे। उनका कहना था कि उनका काम पहले से ही घाटे में चल रहा है। अगर अब उबर कर वापस आ रहे थे तो फिर से सरकार ने सख्त फैसले ले लिए। जिस कारण उन्हें काफी परेशानी हो रही है। रेस्तरां मालिकों का कहना है कि सरकार की तरफ से कुछ राहत दी जाए।
विज्ञापन
कोरोना की दूसरी लहर के चलते सूबा में रात्रि कर्फ्यू लगा दिया गया है। सरकार के इस एलान से परेशान होकर होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने शनिवार को जालंधर बाईपास स्थित एक होटल में बैठक की। इसमें उन्होंने कहा कि सरकार के इस एलान के बाद 90 फीसदी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। इससे उनका काफी नुकसान हुआ है।
उन्होंने सरकार से दोबारा अपने इस फैसले में विचार करने की बात कही हैं, ताकि उद्योग जगत को बचाया जा सके। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के प्रधान अमरबीर सिंह ने कहा कि सरकार के इस फैसले का होटल एसोसिएशन विरोध करती है। इससे होटल उद्योग का काफी नुकसान होगा।