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Chandigarh News: जाली नोटों संग दबोचा गया हरियाणा का युवक

Mon, 24 Jun 2024 06:28 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jun 2024 06:28 AM IST
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Haryana youth caught with fake notes
अलीगढ़। महानगर में जाली नोटों की सप्लाई देने वाला हरियाणा सोनीपत का एक युवक को रविवार दोपहर क्वार्सी इलाके में दबोचा गया। वह यहां नोटों की सप्लाई देने आया था। तभी मुखबिर की सूचना पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। वह पिछले दो माह से अलीगढ़ नोट देने आ रहा था। उसके पास से 52 हजार 600 के जाली नोट मिले हैं। आरोपी पर दिल्ली व एनसीआर में कुल 11 मुकदमे दर्ज हैं।एएसपी-सीओ तृतीय अमृत जैन ने क्वार्सी थाने में प्रेसवार्ता में बताया कि अलीगढ़ में हरियाणा के कुछ तस्करों द्वारा यहां जाली नोटों की सप्लाई देने आने की खबरें मिल रही थीं। मुखबिर की इस सूचना पर स्वाट-सर्विलांस टीम को लगाया गया। एक माह से चल रही रेकी के बीच रविवार दोपहर धौर्रा की इकरा पुलिया के पास इस तस्कर के आने की खबर मिली।
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सूचना पर क्वार्सी पुलिस के साथ पहुंची स्वाट टीम ने सफेद रंग की बिना नंबर की किया कार से हरियाणा सोनीपत के कुंडली क्षेत्र के खेरी मानजाट के संजीत को गिरफ्तार किया गया। तलाशी में उसके पास से जाली नोट मिले। थाने लाकर हुई पूछताछ के बाद मुकदमे आदि की औपचारिकताएं पूरी की गईं।
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इस गिरफ्तारी टीम में इंस्पेक्टर विजयकांत के अलावा उनके थाने की टीम व स्वाट टीम से बृजेश रावत, नटवर चाहर, सुरेंद्र सिंह व बनी सिंह आदि शामिल रहे।
मुस्लिम इलाकों में अब तक खपाए लाखों के नोट :
पुलिस पूछताछ में उसने स्वीकारा कि वह अपने सोनीपत निवासी साथी संग मिलकर नकली नोट छापता है। साथी का काम नोट छापने का है, जबकि वह सप्लाई देने का काम करता है। साथी की मदद से ही दो माह पहले अलीगढ़ में कुछ लोग संपर्क में आए। उनके जरिये अब तक यहां कई लाख रुपये के जाली नोट खपाए जा चुके हैं। मुस्लिम इलाकों में इसलिए नोट खपाए जाते हैं, क्योंकि यहां पशु पैंठ, सब्जी पैंठ, कपड़ा फेरी के धंधे आदि में नोट आसानी से चल जाते हैं। उसने यहां के कुछ लोगों के नाम बताए हैं, जिनकी जांच व तलाश पुलिस ने शुरू कर दी है।
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एनसीआर-पश्चिमी यूपी मुख्य कार्यक्षेत्र
संजीत ने स्वीकारा कि वह लंबे समय से इस धंधे में है। मुख्य कार्यक्षेत्र दिल्ली-एनसीआर व पश्चिमी यूपी के कुछ जिले हैं। अब तक उस पर दिल्ली जिला उत्तरी मोरिस नगर थाने में इसी धंधे में दस मुकदमे व एक मुकदमा नोएडा के साइबर क्राइम थाने में दर्ज है।
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टोल-चेकिंग से बचने को मिला भारत सरकार का आईकार्ड
आरोपी की गाड़ी से एक आईकार्ड भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का मिला है। जिसके विषय में उसने बताया कि यह उसने सिर्फ पुलिस चेकिंग व टोल आदि से बचने के लिए बनवा रखा है। इसकी मदद से अब तक वह टोल आदि पर बचता रहा है।

ये हुआ बरामद

आरोपी के पास से नकली नोट छापने के लिए 6 बंडल नोट छापने के कागज, एक कांच की बोतल में नकली नोट छापने का केमिकल, फर्जी पहचान पत्र, 100 रुपये के 11 जाली नोट, 500 रुपये के 103 जाली नोट, एक मोबाइल सैमसंग, एक आईफोन व किया कार मिली है।


पचास फीसदी हिस्सेदारी में ऐसे होता है धंधा
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि उसे उसका साथी तीन श्रेणी में नोट छाप कर देता है। पहली श्रेणी के नोट 25 हजार रुपये में साठ हजार दिए जाते हैं। जिनकी कहीं कोई पहचान नहीं कर सकता। दूसरी श्रेणी के नोट 25 हजार रुपये में एक लाख दिए जाते हैं। वे भी अच्छी क्वालिटी के होते हैं, जबकि तीसरी श्रेणी में 25 हजार रुपये में एक से दो लाख रुपये तक नोट दिए जाते हैं। जिन्हें गहराई से देखने पर पहचाना जा सकता है। इस धंधे में जितने नोट वह बेचता या सप्लाई करता है। उसका पचास फीसदी हिस्सा उसे मिलता है। बाकी उसका साथी रखता है। नोट छापने की मशीन व तरीका उसी के पास है। वह केवल माल इधर से उधर करता है।
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