हरियाणा में बिजली संकट: रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची मांग, पहाड़ी राज्यों से उधार बिजली वापस मांगी, खरीद भी शुरू
मानसून में देरी से बढ़ रही भीषण गर्मी और धान के सीजन के कारण हरियाणा में बिजली संकट गहराने लगा है। प्रदेश में रात 11 से 12 बजे के बीच में बिजली की मांग सबसे ज्यादा और सुबह 8 से 9 बजे के बीच में सबसे कम मांग दर्ज की जा रही है।
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भीषण गर्मी और धान की रोपाई के कारण हरियाणा में बिजली की मांग में बड़ा इजाफा हुआ है। पिछले साल के मुकाबले राज्य में बिजली खपत में 40 फीसदी और मांग में 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसे में अब बिजली विभाग ने पहाड़ी राज्यों को पावर बैंकिंग के तहत सर्दियों में उधार दी गई 250 मेगावाट बिजली प्रतिदिन वापस लेना शुरू कर दिया है। संभावित खपत को देखते हुए अतिरिक्त बिजली खरीद भी शुरू कर दी गई है। बढ़ी मांग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले तीन दिन से रोजाना 3 करोड़ यूनिट अधिक की सप्लाई दी जा रही है।
9 लाख यूनिट का लगाना पड़ा कट
प्रदेश में रात 11 से 12 बजे के बीच में बिजली की मांग 11800 मेगावाट तक पहुंच गई है। जबकि सबसे कम मांग सुबह 8 से 9 बजे के बीच में दर्ज की जा रही है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 6 जुलाई मंगलवार को ओवरलोड होने के कारण 2554 लाख यूनिट तक मांग पहुंच गई। ऐसे में 9 लाख यूनिट का आधिकारिक कट लगाना पड़ा। राज्य में पहली बार 1 जुलाई को 11732 मेगावाट तक खपत पहुंच गई थी। इसके बाद मौसम में ठंडक होने के चलते दो से तीन दिन खपत 22 करोड़ यूनिट तक आ गई थी, जो अब बढ़कर 25 करोड़ यूनिट से अधिक पहुंच गई है।
अभी हिसार की 600 मेगावाट की यूनिट पड़ी है बंद
यूं बढ़ रही सप्लाई
क्षेत्र 5 जुलाई 6 जुलाई
एग्रीकल्चर 711 735
ग्रामीण घरेलू 473 463
इंडस्ट्री 358 448
अर्बन 726 766
नोट (आंकड़े लाख यूनिट में)
हमारे पास एक्ट्रा बिजली : पीके दास
प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में 0 प्रतिशत कट नहीं लगाए जा रहे हैं। डिमांड के अनुसार, सप्लाई दी जा रही है। प्रदेश की क्षमता 26 करोड़ यूनिट सप्लाई की है। अगर और भी डिमांड बढ़ती है तो हम सप्लाई दे सकते हैं। 6 जुलाई को जरूर ओवरलोड होने के चलते 9 लाख यूनिट का कट लगाया गया है। मांग को देखते हुए हमने पड़ोसी राज्यों को उधारी दी गई बिजली अब वापस लेनी शुरू कर दी है। अतिरिक्त बिजली खरीद भी की जा रही है। -पीके दास, एसीएस, बिजली विभाग।