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लिंगानुपात में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए सम्मानित होंगे भिवानी और महेंद्रगढ़, 7 अगस्त को दिल्ली में
Mon, 08 Jul 2019 03:10 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 08 Jul 2019 03:10 PM IST
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हरियाणा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जन्म के समय लिंगानुपात में निरंतर बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। इसके तहत जिला स्तरीय पुरस्कार के लिए भिवानी और महेंद्रगढ़ जिले चयनित हुए हैं। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय 7 अगस्त 2019 को नई दिल्ली में दोनों जिलों को पुरस्कृत करेगा। इस समारोह में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों और जिलों को सम्मानित किया जाएगा।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में जन्म के समय लिंगानुपात में निरंतर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए देशभर के पांच राज्यों और उनके 10 जिलों को पुरस्कार के लिए चुना गया है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री इस सम्मान समारोह में उपस्थित रहेंगी और राज्यों एवं जिलों को सम्मानित करेंगी।
प्रवक्ता ने बताया कि इस वर्ष के शुरू में राष्ट्रीय बालिका दिवस पर 24 जनवरी 2019 को नई दिल्ली में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री ने हरियाणा को ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम’ के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए एक राज्य और तीन जिला स्तरीय के पुरस्कारों से सम्मानित किया था।
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हरियाणा जनगणना 2001 में 819 के बाल लिंगानुपात (सीएसआर) के साथ नीचे से दूसरे स्थान पर था और 2011 में 834 लिंगानुपात के साथ सभी राज्यों में सबसे निचले स्थान पर पहुंच गया था। एसआरएस सांख्यिकीय रिपोर्ट 2012 में भी राज्य को 857 के एसआरबी के साथ राज्यों में सबसे नीचे दर्शाया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी 2015 को हरियाणा के पानीपत से ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान’ की शुरुआत करते हुए बालिकाओं को बचाने की अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने की चुनौती दी थी। जिसे मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्वीकार कर अपने कार्यालय में एक ‘बी3पी’ सचिवालय स्थापित किया।
इसके बाद मासिक एसआरबी जनवरी 2005 के बाद पहली बार दिसंबर 2015 में 900 अंक तक और वार्षिक एसआरबी वर्ष 2000 के बाद पहली बार वर्ष 2016 में 900 के अंक तक पहुंचा। 2017 में 914 का जन्म लिंगानुपात हासिल किया, जो कि 43 अंक की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है।
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सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में जन्म के समय लिंगानुपात में निरंतर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए देशभर के पांच राज्यों और उनके 10 जिलों को पुरस्कार के लिए चुना गया है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री इस सम्मान समारोह में उपस्थित रहेंगी और राज्यों एवं जिलों को सम्मानित करेंगी।
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प्रवक्ता ने बताया कि इस वर्ष के शुरू में राष्ट्रीय बालिका दिवस पर 24 जनवरी 2019 को नई दिल्ली में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री ने हरियाणा को ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम’ के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए एक राज्य और तीन जिला स्तरीय के पुरस्कारों से सम्मानित किया था।
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हरियाणा जनगणना 2001 में 819 के बाल लिंगानुपात (सीएसआर) के साथ नीचे से दूसरे स्थान पर था और 2011 में 834 लिंगानुपात के साथ सभी राज्यों में सबसे निचले स्थान पर पहुंच गया था। एसआरएस सांख्यिकीय रिपोर्ट 2012 में भी राज्य को 857 के एसआरबी के साथ राज्यों में सबसे नीचे दर्शाया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी 2015 को हरियाणा के पानीपत से ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान’ की शुरुआत करते हुए बालिकाओं को बचाने की अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने की चुनौती दी थी। जिसे मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्वीकार कर अपने कार्यालय में एक ‘बी3पी’ सचिवालय स्थापित किया।
इसके बाद मासिक एसआरबी जनवरी 2005 के बाद पहली बार दिसंबर 2015 में 900 अंक तक और वार्षिक एसआरबी वर्ष 2000 के बाद पहली बार वर्ष 2016 में 900 के अंक तक पहुंचा। 2017 में 914 का जन्म लिंगानुपात हासिल किया, जो कि 43 अंक की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है।