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Asian Para Games: एशियन पैरा गेम्स में हरियाणा का दबदबा, चार और पदक जीते... अब तक 11 पर किया कब्जा

Wed, 25 Oct 2023 12:28 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद/रोहतक/हिसार/करनाल (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद/रोहतक/हिसार/करनाल (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Wed, 25 Oct 2023 12:28 PM IST
सार

पैरा गेम्स में भारत के कुल 303 एथलीट भाग ले रहे हैं। इनमें 28 खिलाड़ी अकेले हरियाणा से हैं। इन 28 में से 11 खिलाड़ी देश की झोली में पदक डाल चुके हैं। वहीं, ओलंपिक के लिए चल रहे क्वालीफाइंग राउंड में अंबाला के सरबजोत सिंह ने टिकट पक्का कर लिया है।

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Haryana sports players have so far won 11 medals in Asian Para Games
योगेश कथुनिया, अशोक, एकता भ्यान और मनीष नरवाल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एशियन गेम्स की तरह पैरा एशियन गेम्स में भी हरियाणा के खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन जारी है। मंगलवार को चार खिलाड़ियों ने पदक अपने नाम किए। इनमें फरीदाबाद के मनीष नरवाल, हिसार की एकता भ्याण व बहादुरगढ़ के योगेश व गोहाना के अशोक शामिल हैं। पहले दिन सात खिलाड़ियों ने पदक जीता था। क्लब थ्रो में फरीदाबाद के प्रणव ने गोल्ड, धर्मबीर ने सिल्वर, अमित सरोहा ने ब्रॉन्ज, ताइक्वांडो में भिवानी की अरुणा ने ब्रॉन्ज, सोनीपत के अंकुर धामा ने 5000 मीटर रेस में गोल्ड, झज्जर के रामपाल ने हाई जंप में सिल्वर और भिवानी के मोनू घनघस ने शॉटपुट में ब्रॉन्ज जीता था। 

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पैरा गेम्स में भारत के कुल 303 एथलीट भाग ले रहे हैं। इनमें 28 खिलाड़ी अकेले हरियाणा से हैं। इन 28 में से 11 खिलाड़ी देश की झोली में पदक डाल चुके हैं। वहीं, ओलंपिक के लिए चल रहे क्वालीफाइंग राउंड में अंबाला के सरबजोत सिंह ने टिकट पक्का कर लिया है। अब वह ओलंपिक में भारत का नेतृत्व करेंगे।

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मनीष नरवाल: पिता ने घर बेच कराई तैयारी

मनीष नरवाल ने 10 मीटर एयर पिस्टल व्यक्तिगत स्पर्धा में लगातार दूसरी बार पदक जीता। इससे पहले उन्होंने वर्ष 2018 में स्वर्ण पदक जीता था। इसके साथ ही उन्होंने 2024 पैरा ओलंपिक के लिए जगह सुनिश्चित कर ली। मनीष ने 240 अंक में से 217.3 अंक लेकर कांस्य पदक जीता। मनीष के पिता दिलबाग नरवाल ने बताया कि शूटिंग महंगा खेल होने के कारण उन्होंने 65 लाख रुपये में घर बेचा और किराये के मकान में रहने लगे। इसके बाद नया मकान खरीद घर में ही 10 मीटर का रेंज भी बनवाया। मनीष से प्रेरित होकर उनका छोटा बेटा शिवा नरवाल भी अंतरराष्ट्रीय शूटर बन गया।

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एकता भ्याण: वर्ल्ड चैंपियनशिप का अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा

हिसार की एकता भ्याण ने 21.66 मीटर क्लब थ्रो में कांस्य जीता। उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है। कुछ माह पहले फ्रांस में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में एकता ने 17.96 मीटर क्लब फेंका था। एकता को सोमवार को डिस्कस थ्रो में हार का सामना करना पड़ा था। एकता ने एफ-32 और 51 कैटेगरी में भाग लिया था। एकता अब तक छह अंतरराष्ट्रीय और आठ राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुकी हैं। 2018 में एशियन पैरा गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। इस दौरान एकता ने 16 मीटर क्लब फेंका था।

योगेश कथुनिया: चीन जाने से पहले किया वादा पूरा किया

बहादुरगढ़ के योगेश कथुनिया ने डिस्कस थ्रो की श्रेणी एफ-54, 55, 56 में रजत पदक जीता। उनके पिता ज्ञानचंद ने बताया कि चीन रवाना होने से पहले योगेश ने उनसे पदक लाने का वादा किया था। 2021 में हुए टोक्यो ओलंपिक में भी रजत जीता था। 2006 में योगेश के हाथ और पैर पैरालाइज हो गए थे। कुछ समय बाद हाथ कुछ ठीक हो गए। 2017 में दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान दोस्त सचिन यादव के प्रोत्साहन से योगेश ने खेल की दुनिया में कदम रखा। अब तक वह सात अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में पदक जीत चुका है।

अशोक: 192 किलो वजन उठा चौंकाया

गांव मिर्जापुर खेड़ी के पावर लिफ्टर अशोक ने भी देश की झोली में कांस्य पदक डाला है। उन्होंने पैरा लिफ्टिंग में 65 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 192 किलोग्राम वजन उठाकर पदक जीता। अपनी सफलता का श्रेय पैरा पावर लिफ्टिंग के मुख्य प्रशिक्षक जेपी सिंह के मार्गदर्शन को दिया है।

सरबजोत सिंह: पेरिस ओलंपिक में जगह पक्की

अंबाला के मुलाना के धीन गांव के सरबजोत सिंह ने कोरिया में आयोजित 15वीं एशियन चैंपियनशिप में 10 मीटर एयर पिस्टल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता। इसके साथ ही पेरिस ओलंपिक में अपना स्थान भी पक्का कर लिया। सरबजोत ने फाइनल में 221.1 का स्कोर किया, जिससे भारत को पहला ओलंपिक कोटा मिला। एशियाई खेल 2023 में उन्होंने टीम प्रतियोगिता में स्वर्ण व रजत पदक भारत की झोली में डाला था। उनके पिता जितेंद्र सिंह ने बताया कि आज लोग मुझे सरबजोत के पिता के रूप में जानते है। इससे बड़ी गर्व की बात मेरे लिए और क्या हो सकती है।

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