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दिल्ली जल संकट: हरियाणा अपने पुराने दावे पर कायम, कहा- हम दे रहे पूरा पानी, इसमें नहीं की गई कोई कटौती
Tue, 11 Jun 2024 04:31 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: विजय पुंडीर
Updated Tue, 11 Jun 2024 04:31 AM IST
सार
सूत्रों का दावा है कि हरियाणा की ओर से पानी तो पूरा छोड़ा जा रहा है, मगर यह दिल्ली तक नहीं पहुंचता। मूनक नहर से दिल्ली के बीच रखरखाव ठीक ढंग से नहीं होने पर इस पानी का कुछ हिस्सा बर्बाद हो रहा है, जिसकी वजह से पूरा पानी दिल्ली को नहीं मिल पा रहा।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली सरकार की तरफ से लगाए जा रहे पानी की कटौती के आरोपों के बीच हरियाणा अपने पुराने दावे पर कायम है। हरियाणा सरकार का कहना है कि वह तय समझौते के तहत प्रतिदिन 1050 क्यूसेक पानी दिल्ली को दे रहा है। इसमें कोई कटौती नहीं की गई है।
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वहीं, सूत्रों का दावा है कि हरियाणा की ओर से पानी तो पूरा छोड़ा जा रहा है, मगर यह दिल्ली तक नहीं पहुंचता। मूनक नहर से दिल्ली के बीच रखरखाव ठीक ढंग से नहीं होने पर इस पानी का कुछ हिस्सा बर्बाद हो रहा है, जिसकी वजह से पूरा पानी दिल्ली को नहीं मिल पा रहा। हिमाचल भी तय समझौते के तहत दिल्ली को पानी दे रहा है।
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दिल्ली-हरियाणा के बीच 719 क्यूसेक पानी देने को लेकर समझौता हुआ था, लेकिन शीर्ष अदालत ने वजीराबाद पौंड के स्तर को 674.8 फीट रखने के निर्देश दिए थे। इसके तहत हरियाणा 1050 क्यूसेक पानी दिल्ली को देता है। यह पानी मूनक नहर से दिल्ली पहुंचता है। मगर जब यह पानी बवाना के पास पहुंचता है तो इसमें कमी पाई जाती है।
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सूत्रों के अनुसार, पांच फीसदी तक पानी कम पहुंचने की गुंजाइश रहती है, लेकिन यदि इससे ऊपर पानी की कमी रहती है तो इसका सीधा मतलब है कि मूनक के पास रख-रखाव ठीक ढंग से नहीं है। पानी की लीकेज व अन्य समस्या हो सकती है। इस बारे में हरियाणा सरकार के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय का कहना है कि दिल्ली सरकार के कुप्रबंधन की वजह से ही उन्हें पूरा पानी नहीं मिल रहा है। यह बात दिल्ली के एलजी भी कह चुके हैं। दिल्ली सरकार आरोप लगाने से पहले अपनी व्यवस्था सुधारे। हिमाचल की ओर से अतिक्ति पानी छोड़ा नहीं गया है। जब भी यह पानी आएगा तो हरियाणा उसे शत-प्रतिशत दिल्ली पहुंचाएगा।
वहीं, हरियाणा के पंचायत राज्यमंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि पानी की कम आपूर्ति को लेकर प्रदर्शन कर रहे आम आदमी पार्टी के नेताओं को समझ नहीं है। जितना पानी हरियाणा की तरफ से दिल्ली को देना होता है, उससे 70 से 80 क्यूसेक पानी अधिक दिया जा रहा है।